Shriram Finance-MUFG Deal: जापानी बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी Mitsubishi UFJ Financial Group (MUFG) ने भारत के NBFC सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी विदेशी डील की है। MUFG Bank की तरफ से Shriram Finance में 39,618 करोड़ रुपये का निवेश कर 20% हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया गया है। यह निवेश प्रेफरेंशियल इक्विटी इश्यू के जरिए किया जाएगा, जिसमें प्रति शेयर कीमत 843 रुपये तय की गई है। कंपनी की तरफ से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक, यह सौदा पूरी तरह डायल्यूटेड बेसिस पर होगा और इसके बाद MUFG, Shriram Finance का एक बड़ा रणनीतिक भागीदार बन जाएगा।
बोर्ड में एंट्री और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
डील के तहत MUFG Bank को श्रीराम फाइनेंस के बोर्ड में दो डायरेक्टर नॉमिनेट करने का हक मिलेगा। इसके अलावा MUFG की तरफ से श्रीराम ऑनरशिप ट्रस्ट को को 20 करोड़ डॉलर की नॉन-कम्पीट फीस भी चुकाई जाएगी। इस तरह कुल मिलाकर यह डील 682.3 बिलियन येन यानी करीब 39618 करोड़ रुपये की है। ET Now की रिपोर्ट के मुताबिक MUFG की तरफ से यह भारत में अब तक की सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट डील है। हालांकि, यह माइनॉरिटी इन्वेस्टमेंट शेयरहोल्डर्स की मंजूरी, रेगुलेटरी क्लियरेंस और अन्य जरूरी शर्तों के पूरा होने के बाद ही फाइनल होगी।
रेटिंग अपग्रेड और फंडिंग कॉस्ट घटने की उम्मीद
ET NOW से बात करते हुए कंप्लीट सर्कल कंसल्टेंट्स के CIO और मैनेजिंग पार्टनर गुरमीत चड्ढा ने कहा कि MUFG का निवेश सिर्फ श्रीराम फाइनेंस ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम के लिए भरोसे का बड़ा संकेत है। उनका कहना है कि इस डील से श्रीराम फाइनेंस की क्रेडिट रेटिंग में सुधार हो सकता है और कंपनी की कॉस्ट ऑफ फंड्स घट सकती है। फाइनेंशियल सर्विसेज में विदेशी निवेश आमतौर पर ग्रोथ साइकिल के तेज होने का संकेत देता है, क्योंकि यह सेक्टर इकोनॉमिक ग्रोथ का बैरोमीटर माना जाता है।
शेयर बना रॉकेट
डील की खबर के बाद Shriram Finance का शेयर बाजार में रॉकेट बन गया। NSE पर दोपहर करीब 01:30 बजे शेयर 5% की तेजी के साथ 913 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। निवेशकों को उम्मीद है कि MUFG की एंट्री से कंपनी की बैलेंस शीट और ग्लोबल क्रेडिबिलिटी दोनों मजबूत होंगी।

डील के ऐलान के बाद शेयर में उछाल। (फोटो क्रेडिट, गूगल फाइनेंस)
कंपनी के फंडामेंटल में कितना दम
Shriram Finance असल में श्रीराम ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। एसेट अंडर मैनेजमेंट के लिहाज से यह देश की दूसरी सबसे बड़ी रिटेल NBFC मानी जाती है। कंपनी व्हीकल लोन, कंस्ट्रक्शन और फार्म इक्विपमेंट फाइनेंस, गोल्ड लोन, पर्सनल लोन समेत कई सेगमेंट में मौजूद है। मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 7% बढ़कर 2,314 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 2,153 करोड़ रुपये था। कुल इनकम बढ़कर 11,921 करोड़ रुपये हो गई और एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला। ग्रॉस NPA घटकर 4.57% पर आ गया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
MUFG जैसी ग्लोबल फाइनेंशियल दिग्गज की एंट्री से साफ है कि इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स भारतीय NBFC स्पेस को लेकर लंबी अवधि में काफी पॉजिटिव हैं। Shriram Finance के लिए यह डील सिर्फ पूंजी नहीं, बल्कि भरोसे और ग्रोथ का नया इंजन साबित हो सकती है।
