बिजनेस

इस साल ITR की डेडलाइन नहीं बढ़ेगी! समय से पहले रिटर्न फाइल करने के 4 बड़े फायदे समझिए

ITR भरने की डेडलाइन पास आ रही है, लेकिन कई टैक्सपेयर्स इस काम को टालते जा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार शायद आखिरी समय में डेडलाइन बढ़ जाएगी लेकिन इस बार इसकी संभावना बहुत ही कम है।

Image

इनकम टैक्स रिटर्न

अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो इस साल डेडलाइन बढ़ने का इंतजार नहीं करें। इस बार इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद बहुत ही कम है। ऐसा इसलिए कि इस बार रिटर्न फाइलिंग पोर्टल सही से काम कर रहा है। वहीं, टैक्स के नियम में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स फॉर्म और कंप्लायंस से जुड़ी जरूरी में बड़े बदलावों को देखते हुए कई बार फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाई थी। अगर आप ओल्ड रिकॉर्ड को देखते हुए इस साल रिटर्न फाइल को टाल रहे हैं तो आप गलत कर रहे हैं।

इस साल डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद क्यों नहीं?

टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि इस साल इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स के एक बड़े वर्ग के लिए रिटर्न फाइल करने की समय सीमा में पहले ही ढील दे दी है। असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए, वे व्यक्ति जो बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं, जिनके अकाउंट्स का ऑडिट नहीं होता है और जो ट्रांसफर प्राइसिंग के नियमों के दायरे में नहीं आते हैं, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं। वहीं, ITR 1 और ITR 2 रिटर्न वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक फाइल करना जारी रखेंगे। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 फॉर्म्स को भरने और जमा करने की सुविधा आयकर पोर्टल पर शुरू हो चुकी है। वहीं, इस साल कम तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं। इसको देखते हुए इस बार डेडलाइन बढ़ने की संभावना नहीं है।

बदलावों के कारण डेडलाइन बढ़ाई गई थी

पिछले साल समय-सीमा बढ़ाने के मुख्य कारणों में से एक 2024 के बजट में घोषित बदलावों से जुड़ी तकनीकी चुनौतियां थीं, जिनके लिए इनकम टैक्स पोर्टल और रिटर्न फाइलिंग यूटिलिटी में अपडेट की रूरत थी। टैक्स के नियम में भी इस साल बदलाव नहीं है। इसलिए रिटर्न समय से भर लें।

अपना ITR जमा करने से पहले, सुनिश्चित करें कि जरूरी दस्तावेज, जिनमें फॉर्म 16, ब्याज प्रमाण-पत्र, कैपिटल गेन स्टेटमेंट और किसी अन्य आय का रिकॉर्ड आपने जुटा लिए हैं। रिटर्न जमा करने से पहले, आय और TDS विवरणों का मिलान एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म 26AS में उपलब्ध जानकारी से मिलान करना महत्वपूर्ण है ताकि किसी भी गलती से बचा जा सके। ऐसा नहीं करने पर टैक्स नोटिस आ सकता है।

समय से रिटर्न भरने पर मिलते हैं ये 4 फायदे

अगर आप डेडलाइन के अंदर रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको तीन बड़े फायदे मिलते हैं। आइए जानते हैं—

जल्द रिफंड मिलना: जब आप जून या जुलाई के शुरुआती हफ्तों में रिटर्न फाइल करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग पर वर्कलोड बहुत कम होता है। ऐसे में आपका ITR महज कुछ दिनों में प्रोसेस हो जाता है और रिफंड जल्द आ जाता है।

जुर्माने और ब्याज से बचाव: डेडलाइन चुक जाने के बाद आपको रिटर्न भरने पर पेनल्टी देना होता है। समय से रिटर्न भरने से आप जुर्माने से बच जाते हैं।

पोर्टल क्रैश होने का टेंशन नहीं: जुलाई के आखिरी हफ्ते में देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल करते हैं। कई बार इसके चक्कर में सर्वर धीमा या बेवसाइट क्रैश हो जाता है। जल्द रिटर्न फाइल करने पर इस टेंशन से बच जाते हैं।

गलती सुधारने का मौका: आखिरी तारीख को जल्दबाजी में हड़बड़ी के कारण अक्सर लोग गलत डेटा भर देते हैं। अगर आप पहले फाइल करते हैं और कोई गलती हो भी जाती है, तो आपके पास बिना किसी पेनाल्टी के रिवाइव्ड रिटर्न दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय होता है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article