Income tax return filing 2026 : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है, और नौकरीपेशा (Salaried) लोगों के लिए इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज Form 16 होता है। अगर आपको भी अभी तक अपनी कंपनी या नियोक्ता (Employer) से फॉर्म 16 नहीं मिला है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आमतौर पर कंपनियां हर साल मई के आखिरी या जून के शुरुआती हफ्तों में इसे जारी करना शुरू करती हैं। आयकर नियमों के मुताबिक, नियोक्ताओं के लिए अपने कर्मचारियों को फॉर्म 16 (Form 16) जारी करने की एक तय समयसीमा (Deadline) होती है। लेकिन कई बार टैक्सपेयर्स जल्दबाजी में या रिफंड जल्दी पाने के चक्कर में फॉर्म 16 का इंतजार किए बिना ही अपना आईटीआर फाइल (Income Tax) कर देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसा करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है और आपको आयकर विभाग से नोटिस भी मिल सकता है।
Form 16 का बदल गया नाम
इनकम टैक्स नियमों में हुए बदलावों के तहत फॉर्म 16 (Form 16) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब नौकरीपेशा (Salaried) कर्मचारियों के लिए सैलरी और उस पर कटे टीडीएस (TDS) का ब्योरा देने वाले इस पारंपरिक फॉर्म का नाम बदल दिया गया है। सरकार द्वारा जारी नए नियमों के मुताबिक, इस टैक्स सर्टिफिकेट को अब Form 130 के नाम से जाना जाएगा। नाम में हुए इस बदलाव के बावजूद, इसके मूल काम में कोई अंतर नहीं आया है और यह पहले की तरह ही कर्मचारियों की कुल आय, टैक्स डिडक्शन और नियोक्ता द्वारा जमा किए गए टीडीएस को प्रमाणित करने का मुख्य जरिया रहेगा, जो आईटीआर (ITR) दाखिल करने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज है।क्या है Form 16 की लास्ट डेट?
सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि फॉर्म 16 मिलने की आधिकारिक आखिरी तारीख क्या है। नियम के अनुसार, कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों को 15 जून तक फॉर्म 16 उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। यदि कोई कंपनी इस तारीख तक इसे जारी नहीं करती है, तो उस पर पेनाल्टी भी लग सकती है। दरअसल, फॉर्म 16 एक तरह का टीडीएस (TDS) सर्टिफिकेट होता है, जिसमें इस बात का पूरा ब्योरा होता है कि आपकी कंपनी ने पूरे साल में आपको कितनी सैलरी दी, उस पर कितना टैक्स (TDS) काटा और उसे सरकार के पास जमा किया या नहीं। इसके दो हिस्से होते हैं पार्ट ए (Part A) और पार्ट बी (Part B)। जब तक कंपनी अपनी टीडीएस रिटर्न दाखिल नहीं करती, तब तक वह आपको यह फॉर्म नहीं दे सकती, यही वजह है कि इसमें जून के मध्य तक का समय लगता है।
क्या बिना फॉर्म 16 के ITR फाइल कर सकते हैं?
अब बात करते हैं उस सबसे बड़े सवाल की कि क्या फॉर्म 16 के बिना आईटीआर फाइल किया जा सकता है? तकनीकी रूप से इसका जवाब 'हां' है, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं माना जाता। बिना फॉर्म 16 के रिटर्न दाखिल करने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आपके द्वारा भरे गए आंकड़ों और आयकर विभाग के पास मौजूद डेटा में अंतर (Mismatch) आ सकता है। जब आप आईटीआर भरते हैं, तो विभाग आपके दावों का मिलान आपके Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) से करता है। अगर आपकी कंपनी ने जो टीडीएस काटा है, वह अभी तक सरकारी रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुआ है और आपने पहले ही रिटर्न भर दिया, तो दोनों डेटा मैच नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में आयकर विभाग आपके रिटर्न को 'दोषपूर्ण' (Defective Return) मान सकता है और आपको धारा 139(9) के तहत नोटिस भेज सकता है।
कब आता है इनकम टैक्स का नोटिस?
इसके अलावा, फॉर्म 16 के बिना टैक्स छूट (Deductions) का दावा करने में भी बड़ी गड़बड़ी हो सकती है। फॉर्म 16 के पार्ट बी में आपके द्वारा किए गए सभी निवेशों जैसे एचआरए (HRA), 80C (एलआईसी, पीपीएफ), 80D (मेडिक्लेम) की पूरी डिटेल होती है। यदि आप बिना इस फॉर्म के खुद से अनुमान लगाकर ये आंकड़े भरते हैं और कोई छोटी सी भी चूक हो जाती है, तो आपको मिलने वाला टैक्स रिफंड अटक सकता है। इतना ही नहीं, यदि आपने अनजाने में कम टैक्स घोषित कर दिया, तो आपको बाद में ब्याज के साथ बकाया टैक्स चुकाना पड़ सकता है। इसलिए, समझदारी इसी में है कि आप 15 जून तक का धैर्य रखें, अपनी कंपनी से आधिकारिक फॉर्म 16 प्राप्त करें, उसके आंकड़ों का मिलान अपने Form 26AS से करें और उसके बाद ही पूरी तरह संतुष्ट होकर अपना आईटीआर दाखिल करें, ताकि आप किसी भी तरह के कानूनी नोटिस या जुर्माने से बच सकें।
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