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ऑनलाइन घर का किराया चुकाते वक्त भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां, Credit Score हो जाएगा खराब

आज के समय में हर दूसरा काम ऑनलाइन पेमेंट के जरिए चुटकियों में पूरा हो जाता है। ऐसे में घर का किराया भी अब ऑनलाइन ही पे किया जाता है।

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ऑनलाइन रेंट पे करते हैं तो इन बातों का रखें खास ध्यान (Photo: iStock)

आज के समय में किराया देना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। कुछ ही क्लिक में UPI, बैंक ट्रांसफर या क्रेडिट कार्ड (Credit Card) के जरिए मकान मालिक को किराया भेजा जा सकता है। खासकर क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने पर रिवॉर्ड पॉइंट, कैशबैक या दूसरे फायदे मिलने की उम्मीद रहती है। लेकिन हर महीने किराया देने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ गलतियों से बचना जरूरी है-

क्रेडिट कार्ड को लेकर कौन-सी गलतियां पड़ती हैं भारी

Convenience Fee या Processing Fee पर ध्यान न देना

क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने पर कई बार Convenience Fee या Processing Fee देनी पड़ सकती है। उदाहरण के लिए 35,000 रुपये के मंथली किराए पर 2% शुल्क लगता है तो हर महीने 700 अतिरिक्त देने होंगे। यानी सालभर में यह रकम 8400 रुपये हो जाएगी। इसके ऊपर लागू कर भी लग सकता है। ऐसे में अगर रिवॉर्ड पॉइंट या कैशबैक से मिलने वाला फायदा 8400 रुपये से कम है, तो केवल रिवॉर्ड के लिए क्रेडिट कार्ड से किराया देना फायदे का सौदा नहीं होगा।

कार्ड से होने वाले दूसरे खर्चों को नजरअंदाज करना

मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड की कुल सीमा 1 लाख है और आप हर महीने 40,000 का किराया कार्ड से भरते हैं। इसका मतलब है कि आपकी क्रेडिट सीमा का 40 फीसदी हिस्सा सिर्फ किराए में इस्तेमाल हो रहा है। इसे Credit Utilisation Ratio कहा जाता है। लगातार अधिक अनुपात आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर असर डाल सकता है। इसलिए किराए के साथ कार्ड से होने वाले दूसरे खर्चों को भी ध्यान में रखें।

तय तारीख तक क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल न चुकाना

क्रेडिट कार्ड बिल में न्यूनतम देय राशि देखकर कम भुगतान करना आसान लगता है, लेकिन बाकी रकम पर ब्याज लग सकता है। अगर 35,000 रुपये का किराया कार्ड से चुकाया और तय तारीख तक पूरा बिल नहीं भरा, तो किराए की वास्तविक लागत काफी बढ़ सकती है। कोशिश करें कि हर महीने तय तारीख तक क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुका दें।

यूपीआई और बैंक ट्रांसफर को लेकर गलतफहमी होना

समय पर UPI या बैंक ट्रांसफर से किराया देने का मतलब यह नहीं है कि यह पेमेंट अपने आप क्रेडिट ब्यूरो के रिकॉर्ड में दर्ज होगा। आम तौर पर रेंट पेमेंट उसी तरह दर्ज नहीं होते, जैसे ऋण या क्रेडिट कार्ड की किस्तें होती हैं। कुछ वित्तीय तकनीकी कंपनियां किराया रिपोर्ट करने की सुविधा देती हैं। ऐसी सेवा लेने से पहले यह जरूर जांचें कि भुगतान किस क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट होगा।

क्रेडिट कार्ड बिल की तय तारीख भूलना

किराया समय पर देने के बाद क्रेडिट कार्ड बिल की तय तारीख भूलना भारी पड़ सकता है। देर से भुगतान करने पर ब्याज और अन्य शुल्क लग सकते हैं। साथ ही, इसका असर आपके क्रेडिट इतिहास पर भी पड़ सकता है।इसलिए क्रेडिट कार्ड से किराया भरने से पहले शुल्क, क्रेडिट सीमा और भुगतान क्षमता को ध्यान में रखें। अगर हर महीने पूरा बिल चुकाना मुश्किल है, तो किराए के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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