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इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट! 10.74 लाख ईरानी रियाल = 1 डॉलर, भारतीय रुपया कितना भारी

Iranian Rial vs US dollar vs Indian Rupee: ईरान की करेंसी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने इतिहास के सबसे निचले स्तर 10.74 लाख रियाल प्रति डॉलर पर पहुंच गई। यह गिरावट देश की बढ़ती आर्थिक अस्थिरता और अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत से इनकार के चलते देखी गई है। तो आइए जानते हैं कितने भारतीय रुपये के बराबर हो गया है।

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रियाल की हुई हालत खस्ता, ईरान को 1 डॉलर के लिए देने पड़ रहे 10.74 लाख (तस्वीर-Canva)

Iranian Rial vs US dollar vs Indian Rupee : ईरान की मुद्रा रियाल बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने इतिहास के सबसे निचले स्तर 10.74 लाख रियाल प्रति डॉलर पर पहुंच गई भारतीय रुपया से तुलना करें तो 1 भारतीय रुपया ईरान के 473.93 रियाल के बराबर है यानी भारतीय रुपया ईरानी रियाल से 473.93 गुना अधिक ताकतवर है जबकि 1 यूएस डॉलर भारत के 88.78 रुपये के बराबर है। ईरानी करेंसी में यह गिरावट ऐसे समय में दर्ज की गई है जब देश की राजनीतिक स्थिति अस्थिरता के दौर से गुजर रही है और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक रिश्ते भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

खामेनेई का रुख बना कारण

रियाल में आई इस भारी गिरावट की प्रमुख वजह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी तरह की बातचीत से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। खामेनेई का यह सख्त रुख ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिशों में जुटे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खामेनेई के इस रुख से ईरानी नेतृत्व के भीतर मतभेद और बढ़ सकते हैं, और इसके कारण चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।

मार्च में भी आई थी बड़ी गिरावट

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इससे पहले मार्च 2025 में भी रियाल की विनिमय दर 10.39 लाख प्रति डॉलर तक गिर गई थी, जो उस समय तक की सबसे बड़ी गिरावट थी। उस समय यह गिरावट अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के कारण हुई थी।

प्रतिबंधों की समयसीमा नजदीक

एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि रियाल की यह ऐतिहासिक गिरावट संकेत देती है कि ईरान और यूरोपीय देशों के बीच चल रही आखिरी प्रयास वाली बातचीत संयुक्त राष्ट्र के संभावित प्रतिबंधों को रोकने में शायद सफल नहीं हो पाएगी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए जाने वाले इन प्रतिबंधों को रोकने के लिए 30-दिन की एक समयसीमा तय की गई थी, जो 28 सितंबर को समाप्त हो रही है। इस परिस्थिति में आने वाले दिनों में ईरान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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