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Hormuz पर ईरान का परमिट राज, अब बिना टोल दिए नहीं गुजर सकेंगे जहाज, इन देशों को मिलेगी छूट

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी और अनुमति के लिए नया प्राधिकरण बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को पहले ट्रांजिट परमिशन लेनी होगी और शुल्क भी देना होगा।

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होर्मुज स्ट्रेट

Photo : AP

दुनिया का प्रमुख समुद्री मार्ग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव का केंद्र बना हुआ है। इस जलमार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल की कीमत में आग लगी हुई है। एक ओर अमेरिका ने इस अहम समुद्री मार्ग पर नाकेबंदी कर रखी है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने इस जलमार्ग पर अपने नियंत्रण को औपचारिक रूप देने की घोषणा की है। तेहरान ने इस अहम जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं और उनसे टोल वसूलना शुरू कर दिया है। यह जानकारी एक शिपिंग जर्नल ने दी है। तेहरान ने इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण पक्का करने का यह कदम ऐसे समय उठाया है।

शिपिंग और समुद्री व्यापार से जुड़ी खबरें और जानकारी देने वाले इंडस्ट्री जर्नल 'लॉयड्स लिस्ट' ने बताया, "पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने पहले ही एक नया ढांचा लागू कर दिया है, जिसके तहत जहाजों को रवाना होने से पहले गुजरने की अनुमति लेनी होगी और टोल चुकाना होगा। अथॉरिटी द्वारा भेजे गए एक फॉर्म जिसका शीर्षक "जहाज की जानकारी का घोषणापत्र" (Vessel Information Declaration) , का हवाला देते हुए जर्नल ने आगे बताया कि स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने वाले सभी जहाजों को "अपनी मालिकाना हक, बीमा, चालक दल की जानकारी और गुजरने के तय रास्ते का विस्तृत ब्योरा जमा करना होगा।"

जहाजों को फॉर्म भरकर देनी होगी ये जानकारी

खबरों के मुताबिक, इस फ़ॉर्म में 40 से ज्यादा सवाल हैं, जिनमें जहाजों को अपना नाम, पहचान संख्या, कोई पुराना नाम, मूल देश और मंज़िल, जहाज़ के पंजीकृत मालिकों, संचालकों और चालक दल की राष्ट्रीयता, साथ ही जहाज़ पर लदे माल का ब्योरा भी देना होगा।

PGSA के अनुसार, जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने से पहले, फॉर्म में "पूरी और सही जानकारी" भरकर उसे संबंधित अधिकारी को ईमेल करना जरूरी है। इसमें कहा गया है कि गुजरने के अनुरोधों पर कार्रवाई करने के बाद, जहाजों को "आगे के निर्देश ईमेल के जरिए भेजे जाएंगे"। इसमें यह चेतावनी भी दी गई है कि दी गई कोई भी गलत या अधूरी जानकारी पूरी तरह से आवेदक की जिम्मेदारी होगी, और इसके जो भी नतीजे होंगे, उन्हें उसी के अनुसार भुगतना होगा।

होरमुज से गुजरने की अनुमति किसे?

मिली जानकारी के अनुसार, चीन और रूस जैसे देशों के जहाजों को बिना टोल दिए इस रास्ते से गुजरने की अनुमति होगी। वहीं, अमेरिका का साथ देने वाले देशों के जहाज इस रूट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिका लंबे समय से इस जलमार्ग पर टोल वसूली का विरोध करता रहा है, क्योंकि इसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र माना जाता है। इसी बीच ईरान और अमेरिकी पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है और हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में सैन्य झड़प भी हुई।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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