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SEBI :IPO मंजूरी में अब AI का होगा इस्तेमाल, जानें सेबी क्या रहा है तैयारी

IPO Approval Process:सेबी तेजी से मंजूरी के लिए कंपनियों द्वारा दाखिल किए जा रहे आईपीओ दस्तावेजों की जांच के लिए एक AI टूल विकसित कर रहा है। यह टूल दिसंबर तक उपलब्ध हो जाना चाहिए।

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आईपीओ अप्रूवल होगा फास्ट

IPO Approval Process:अब IPO की मंजूरी फटाफट मिलेग। इसके लिए सेबी खास तैयारी कर रहा है।सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने कहा है पूंजी बाजार नियामक आईपीओ (IPO) मंजूरी में तेजी लाने के लिए एक तंत्र पर काम कर रहा है। सेबी तेजी से मंजूरी के लिए कंपनियों द्वारा दाखिल किए जा रहे आईपीओ दस्तावेजों की जांच के लिए एक AI टूल उपकरण भी विकसित कर रहा है। यह टूल दिसंबर तक उपलब्ध हो जाना चाहिए। सेबी ‘ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’(DRHP) की प्रक्रिया को भी आसान करने की तैयारी में है।

कैसा होगा नया सिस्टम

बुच ने फिक्की के ‘कैपम’ कार्यक्रम में कहा कि सेबी तेजी से मंजूरी के लिए कंपनियों द्वारा दाखिल किए जा रहे आईपीओ दस्तावेजों की जांच के लिए एक AI टूल भी विकसित कर रहा है। यह टूल दिसंबर तक उपलब्ध हो जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि आईपीओ प्रक्रिया के इर्द-गिर्द एक जटिलता कायम है जैसे कि एक जटिल ‘ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’ दाखिल करना। अब इस प्रक्रिया को इससे मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

विस्तार से बताते हुए बुच ने कहा कि सेबी एक ऐसी प्रक्रिया पर काम कर रहा है, जिसमें एक ‘टेम्पलेट’ होगा, जहां कंपनियां आईपीओ दस्तावेज तैयार करने के लिए रिक्त स्थान भर सकेंगी। किसी भी जटिलता को स्पष्ट करने तथा किसी विशेष पहलू पर भिन्नताओं को समझाने के लिए एक अलग ‘कॉलम’ होगा।उन्होंने कहा कि दस्तावेज सटीक और अर्थपूर्ण होगा तथा इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव को अलग से समझाया जाएगा।

कब तक होगा लागू

हालांकि, उन्होंने योजना के कार्यान्वयन के लिए कोई समय-सीमा या इसके लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

इसी कार्यक्रम में एनएसई के मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक आशीष कुमार चौहान ने छोटे निवेशकों से ‘डेरिवेटिव’ में कारोबार करने से दूर रहने का आग्रह किया।चौहान ने कहा कि सुबह खरीदना और शाम को बेचने को ‘‘निवेश’’ समझने की भूल न करें। साथ ही सही नियमन और अनुपालन की वकालत भी की।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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