नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी फर्म इंफोसिस ने गुरुवार को सितंबर 2022 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नतीजों (Infosys Q2 Results) की घोषणा कर दी है। इंफोसिस से पहले देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी (IT) फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो लिमिटेड (Wipro) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज नतीजों की घोषणा कर चुके हैं। आज बीएसई पर इंफोसिस का शेयर (Infosys Share) 9.10 अंक यानी 0.64 फीसदी नीचे 1419.75 के स्तर पर बंद हुआ। मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैप 5,97,406.31 करोड़ रुपये है।
इतनी रही इंफोसिस की इनकम
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर में इंफोसिस का एकीकृत शुद्ध लाभ 11 फीसदी बढ़कर 6,021 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी अपने शेयरधारकों को कुल 6,940 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश भी देगी। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि में 5,421 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। शेयर बाजारों को दी जानकारी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इंफोसिस की आय सालाना आधार पर 23.4 फीसदी बढ़कर 36,538 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले की इसी समान अवधि में यह आंकड़ा 29,602 करोड़ रुपये था।
कंपनी का शेयर बायबैक प्लान
इंफोसिस ने 9,300 करोड़ रुपये के शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम की घोषणा भी की है। पुनर्खरीद कार्यक्रम के तहत कीमत 1,850 रुपये प्रति इक्विटी शेयर से अधिक नहीं होगी। यह कीमत बृहस्पतिवार को कंपनी के शेयरों के बंद भाव 1,419.7 रुपये से 30 फीसदी ज्यादा है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 के अपने आय पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए इसमें 15-16 फीसदी वृद्धि की उम्मीद जताई, जबकि पहले यह अनुमान 14-16 फीसदी था।
कंपनी ने बयान में कहा कि परिचालन मार्जिन पूर्वानुमान को संशोधित कर 21-22 फीसदी कर दिया गया है। इंफोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा, 'बड़े सौदों में हमारी मजबूत बढ़त और दूसरी तिमाही में स्थिर चौतरफा वृद्धि ग्राहकों के लिए हमारे डिजिटल और क्लाउड समाधानों की प्रासंगिकता को दर्शाती है।' उन्होंने कहा कि मांग मजबूत है और यह वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 15-16 फीसदी के हमारे संशोधित आय अनुमानों से साबित होता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
