पहले स्पेस के कई स्थान कॉन्फिडेंशियल थे। मोदी जी ने इसको ओपन कर दिया। नासा सरकार पर डिपेंड नहीं है, इसी तरह ने मोदी जी ने स्पेस को प्राइवेट के साथ जोड़ा गया। अब निवेश हो रहा है। स्पेस रिफॉर्म हुई है। अब हजारों करोड़ निवेश हो रहा है। पहले जनरेशन के साइंटिस्ट इंटरप्रोन्योर बन गए। स्पेस इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है। हम दुनिया से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। जो पहली बार हो रहा है। इसरो की स्थापना 1975 में हुई। इसी साल अमेरिका ने चांद में लोगों को उतारा, अब हम सबसे पहले चांद के साउथ पोल पर पहुंच गया। मीडिया ने स्पेस को स्पेस दिया। स्पेस ने लोगों में उत्सुकता जगाई है।
हमारा चंद्रयान 600 करोड़ है, यह काफी सस्ता है। रूस ने उसी समय 12000 करोड़ खर्च किए। हमारे स्पेस प्रोग्राम काफी सस्ता है। हमारा स्वामित्व कार्यक्रम है, जमीन मैपिंग का है। हेल्थ स्वाइल है। कम्युनिकेशन में स्पेस टेक्नोलॉजी का योगदान है। नेविगेशन, अर्थ ऑब्जवरी में में स्पेस सेक्टर का योगदान है। इसमें पीएम मोदी का बढ़ा योगदान रहा है। पहले की सरकारों में बजट मात्र 5000 करोड़ का था। अब 12 से 13 हजार करोड़ का है। हमारी कमाई बढ़ाई। आने वाले समय में भारत का स्पेस सेक्टर फॉलो नहीं करेगा बल्कि लीड करेगा। स्पेस, डीपसी में ध्यान देने पर 2047 से पहले हमारा भारत विकसित देश बन जाएगा।
देश की अर्थव्यवस्था में जम्मू-कश्मीर का कितना योगदान होगा। इस प्रदेश में कैसे बदलाव हुआ। विकसित भारत में इस प्रदेश का योगदान उन क्षेत्रों के विकास से होगा, जो अब तक अछूता होगा। स्टार्टअप के जरिए विकास होगा। टूरिज्म से जम्मू-कश्मीर का विकास होगा।
