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एक रेलवे ट्रैक ने खोल दिया था पेट्रोल का खजाना, आज भारतीय पेट्रोलियम कंपनी करती है राज

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated May 14, 2023, 01:33 PM IST

Indian Oil Company: भारत में पेट्रोल आज के दौर में एक आम जरूरत बन गया है। भारत में पहली बार पेट्रोल का खजाना मिला था उसकी शुरुआत रेलवे ट्रैक से हुई थी। 1867 में रेलवे लाइन बिछाते समय भारत में पहली बार पेट्रोलियम ऑयल मिला।

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इंडियन ऑयल

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Indian Oil Company: भारत में पेट्रोल आज के दौर में एक आम जरूरत बन गया है। भारत में पहली बार पेट्रोल का खजाना मिला था उसकी शुरुआत रेलवे ट्रैक से हुई थी। 1867 में रेलवे लाइन बिछाते समय भारत में पहली बार पेट्रोलियम ऑयल मिला। उसके बाद भारत में तेल का कारोबार शुरू हुआ। भारत में हर रोज 59 करोड़ लीटर पेट्रोल बिकता है। इसमें 24 करोड़ लीटर की हिस्सेदारी इंडियन ऑयल के पास है। देशभर में सबसे ज्यादा 71,000 फ्यूल स्टेशन इंडियन ऑयल के पास हैं। भारत के अलावा यह श्रीलंका, मिडिल ईस्ट, मॉरिशस में भी मौजूद है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का 50 फीसदी से ज्यादा शेयर भारत सरकार के पास है। यह सरकार की 11 महारत्न कंपनियों में से एक है।

डिगबोई में पहली पेट्रोलियम ऑयल रिफाइनरी बनी

1867 में रेलवे लाइन बिछाते समय भारत में पहली बार पेट्रोलियम ऑयल मिला। इसके 33 साल बाद 1901 में असम के डिगबोई में पहली बार भारत में पेट्रोलियम ऑयल रिफाइनरी बनाई गई। असम के डिग्बोई में इंडियन ऑयल के रिफाइनरी सेंटर को दुनिया में सबसे पुराना माना जाता है। सबसे पहले 1958 में भारत सरकार ने सोवियत संघ (आज का रूस) और रोमानिया की मदद से इंडियन रिफाइनरी लिमिटेड शुरू किया। इंडियन रिफाइनरी लिमिटेड ही आगे चलकर इंडियन ऑयल कंपनी से मिलकर आज की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन बनी।

ऐसे बनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन

दुनियाभर में तेजी से इंडस्ट्राइलाइजेशन हो रहा था। भारत भी इस रेस में दौड़ लगा रहा था। इससे देश में पेट्रोलियम उत्पाद की मांग बढ़ी जिससे सरकार पर फ्यूल का खर्चा बढ़ने लगा। सरकार ने तब देश की सभी प्राइवेट पेट्रोलियम कंपनियों पर पेट्रोलियम उत्पाद के इंपोर्ट और एक्सपोर्ट पर रोक लगा दिया। नतीजतन इंडियन ऑयल का इंपोर्ट पर अकेले कब्जा हो गया।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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