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LPG पर निर्भरता कम करने की तैयारी, सरकार बढ़ाएगी इंडक्शन कुकर और हीटर का उत्पादन

Induction Cooker And Heater Production: भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय LPG पर निर्भरता कम करने के लिए इन्डक्शन हीटर और इसके साथ इस्तेमाल होने वाले कुकिंग बर्तनों के उत्पादन को बढ़ाने की प्लानिंग कर रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम विशेष रूप से पश्चिम एशिया संकट के दौरान घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता और कीमतों में अस्थिरता से निपटने के लिए उठाया गया है।

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LPG संकट में इन्डक्शन कुकर होगा विकल्प (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Induction Cooker And Heater Production: भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय ने इन्डक्शन हीटर और इसके साथ इस्तेमाल होने वाले कुकिंग बर्तनों का उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य घरेलू रसोई गैस (LPG) पर निर्भरता कम करना है, खासकर तब, जब पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण गैस की आपूर्ति और कीमतों में अनिश्चितता बढ़ गई है। लोगों में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है और लोग तेजी से इंडक्शन हीटर व बर्तन खरीद रहे हैं। इसको लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें ऊर्जा सचिव, विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा कि हमने इस पर चर्चा की कि इंडक्शन हीटर और उससे जुड़े बर्तनों (जैसे इंडक्शन कुकर के बर्तन) का उत्पादन किस तरह तेजी से बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और बाजार में ये तेजी से बिक रहे हैं। सरकार चाहती है कि घरेलू रसोई में LPG के विकल्प के तौर पर लोग इन्डक्शन कुकर का इस्तेमाल बढ़ाएं।

इन्डक्शन कुकर की बढ़ती बिक्री

पश्चिम एशिया संकट के बाद इन्डक्शन कुकर की बिक्री में तेज वृद्धि देखी गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्लिपकार्ट के आंकड़े बताते हैं कि मार्च के मध्य तक, पिछले तीन-चार हफ्तों की तुलना में चार-पांच दिनों में इन्डक्शन कुकटॉप की बिक्री तीन गुना बढ़ गई। इसका कारण आम जनता में LPG की उपलब्धता और कीमतों को लेकर बढ़ती चिंता है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि अगर यह संघर्ष कई महीने तक चलता है, तो भारत को संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। इसलिए सरकार ने पहले से ही आपातकालीन उपायों की योजना बनाई है।

LPG की कमी के लिए वैकल्पिक उपाय

LPG की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने पहले 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरोसीन वितरित किया है। इसका इस्तेमाल विशेष रूप से घरेलू रसोई और प्रकाश के लिए किया जा सकता है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि घरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है और किसी भी तरह के पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं है। हालांकि, जमीन पर स्थिति थोड़ी अलग दिखाई दे रही है। कई शहरों में लोग रिपोर्ट कर रहे हैं कि सिलेंडर मिलने में दो हफ्ते तक की देरी हो रही है। इसके पीछे काले बाजार में LPG सिलेंडरों की बढ़ती बिक्री एक बड़ा कारण है।

LPG की कीमतों में वृद्धि

व्यापारिक LPG सिलेंडरों की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। 1 अप्रैल 2026 से 19 किग्रा वाले सिलेंडर की कीमत ₹195.50 से ₹218 तक बढ़ गई है। इससे आम जनता और छोटे व्यापारियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। इस बढ़ती कीमत और आपूर्ति संकट को देखते हुए, सरकार की कोशिश है कि इन्डक्शन कुकर और बर्तन जैसे वैकल्पिक विकल्पों की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके।

सरकार की योजना और भविष्य की तैयारी

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान संकट के मद्देनजर, इन्डक्शन कुकर और बर्तनों की उत्पादन बढ़ोतरी एक रणनीतिक कदम है। सरकार चाहती है कि यदि LPG आपूर्ति में और अधिक अनिश्चितता आए, तो लोग घरेलू रसोई में आसानी से वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल कर सकें। इसके अलावा, सरकार के अधिकारी लगातार बाजार की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी संभावित कुप्रभाव को रोकने के लिए आपातकालीन योजनाओं पर काम कर रहे हैं।

इन्डक्शन कुकर की बढ़ती लोकप्रियता और वैकल्पिक ईंधन वितरण की यह योजना घरेलू रसोई में LPG पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस तरह, सरकार इन्डक्शन कुकर और बर्तनों की आपूर्ति बढ़ाने, LPG की बढ़ती कीमतों से निपटने और घरेलू रसोई में वैकल्पिक विकल्पों को अपनाने के लिए तैयारी कर रही है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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