बिजनेस

Bangladesh Crisis:भारतीय कंपनियों का पटरी पर लौट रहा कारोबार, जानें बांग्लादेश में कैसे ठप हुआ काम-काज

Bangladesh Crisis: मैरिको के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बांग्लादेश की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत तक है। एफएमसीजी प्रोडक्ट बनाने वाली कई भारतीय कंपनियों का बांग्लादेश में भी कारोबार है। इनमें डाबर, इमामी, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, ब्रिटानिया और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं।

Image

भारत-बांग्लादेश व्यापार

Bangladesh Crisis:एक सप्ताह तक व्यापक अशांति से प्रभावित रहे बांग्लादेश में कारोबार करने वाली भारतीय एफएमसीजी कंपनियों का कहना है कि अब उनका कारोबार धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की तरफ लौटने लगा है। एफएमसीजी प्रोडक्ट बनाने वाली कई भारतीय कंपनियों का बांग्लादेश में भी कारोबार है। इनमें मैरिको, डाबर, इमामी, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, ब्रिटानिया और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं।इनके अलावा डोमिनोज पिज्जा शृंखला का संचालन करने वाली कंपनी जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड (जेएफएल) भी बांग्लादेश में करीब 30 स्टोर संचालित करती है।अगस्त के शुरुआती हफ्ते में बांग्लादेश आंतरिक अशांति और हिंसा की चपेट में आ गया था। सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के उग्र रूप अख्तियार करने के

बाद तमाम कारोबारी गतिविधियां ठप पड़ गई थीं।

मौरिको का क्या है कहना

हालांकि, पिछले हफ्ते अंतरिम सरकार का गठन होने के बाद से स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है।मैरिको ने कहा है कि बांग्लादेश में स्थित उसकी विनिर्माण इकाइयों ने 11 अगस्त को सामान्य रूप से कामकाज शुरू कर दिया। कंपनी ने कहा कि बाजार में परिचालन हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं और हमारे रिटेल श्रमबल और वितरकों का एक बड़ा हिस्सा काम करने लगा है।मैरिको के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बांग्लादेश की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत तक है। इसके वहां दो कारखाने और पांच डिपो हैं। इसने 1999 में एक अनुषंगी मैरिको बांग्लादेश बनाई थी जो वहां के शेयर बाजारों में सूचीबद्ध इकाई है।

डाबर और इमामी के क्या हालात

डाबर इंडिया ने भी कहा कि उसका कारखाना और स्टॉक रखने वाले कारोबारी एक हफ्ते तक कामकाज बंद रहने के बाद अब सामान्य रूप से परिचालन करने लगे हैं।डाबर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मोहित मल्होत्रा ने कहा, ‘‘हम हालात पर करीबी निगाह रखे हुए हैं और हम परिचालन में सामान्य स्थिति बहाल करने के सभी प्रयास करेंगे।उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का डाबर के एकीकृत राजस्व में एक प्रतिशत से कम और मुनाफे में 0.5 प्रतिशत से कम योगदान है।एक अन्य घरेलू कंपनी इमामी की भी बांग्लादेश में उपस्थिति है लेकिन यह आकार में छोटी है। बांग्लादेश इमामी के कुल एकीकृत राजस्व में लगभग चार प्रतिशत का योगदान देता है।पांच अगस्त को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देशभर में भड़की हिंसा की घटनाओं में बांग्लादेश में 230 से अधिक लोग मारे गए। इससे जुलाई के मध्य में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़कर 560 हो गई।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article