प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह के बीच हुई हालिया चर्चा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। भारत और वियतनाम ने अब साल 2030 तक आपसी व्यापार को 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच के संबंध न केवल आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में 'सप्लाई चेन' (Supply Chain) की मजबूती और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी अनिवार्य हैं।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर जोर
भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। मौजूदा व्यापारिक आंकड़ों को देखते हुए, $25 बिलियन का यह नया लक्ष्य दोनों देशों की बढ़ती औद्योगिक क्षमताओं को दर्शाता है। पीएम मोदी के अनुसार, भारत की 'एक्ट ईस्ट' पॉलिसी और वियतनाम की बढ़ती आर्थिक ताकत एक-दूसरे की पूरक हैं। दोनों देश विशेष रूप से ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि और विनिर्माण (Manufacturing) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर कर और निवेश को प्रोत्साहित कर इस लक्ष्य को समय से पहले भी हासिल किया जा सकता है।
सप्लाई चेन और वैश्विक स्थिरता
आज की बदलती वैश्विक परिस्थितियों में, विशेषकर महामारी और भू-राजनीतिक तनावों के बाद, पूरी दुनिया एक भरोसेमंद सप्लाई चेन की तलाश में है। पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत और वियतनाम मिलकर एक ऐसा लचीला (Resilient) नेटवर्क तैयार कर सकते हैं, जो वैश्विक संकटों के समय भी काम करता रहे। यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के उद्योगों को कच्चे माल और बाजार तक आसान पहुँच प्रदान करेगी, बल्कि अन्य लोकतांत्रिक देशों के लिए भी एक उदाहरण पेश करेगी। वियतनाम भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरा है।
रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग
आर्थिक लक्ष्यों के अलावा, दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर भी चर्चा की। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए दोनों देश एक जैसे विचार रखते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत, वियतनाम की रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने में सहयोग जारी रखेगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और साइबर सुरक्षा जैसे नए क्षेत्रों में भी आपसी तालमेल बढ़ाने पर सहमति बनी है, जो भविष्य की जरूरतों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव
भारत और वियतनाम के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें प्राचीन सांस्कृतिक और बौद्ध धर्म के साझा इतिहास में भी हैं। प्रधानमंत्री ने इन ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-People ties) ही इस रणनीतिक साझेदारी की असली बुनियाद है। वियतनाम में भारतीय संस्कृति के प्रभाव और भारत में वियतनामी पर्यटकों की बढ़ती संख्या इन संबंधों को और अधिक जीवंत बनाती है।
