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7 साल में पहली बार भारत पहुंच रहा ईरानी जहाज, जानिए क्यों है यह आपके लिए अच्छी खबर

भारत और ईरान के बीच ऊर्जा संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। करीब 7 साल के लंबे अंतराल के बाद, भारत को ईरान से कच्चे तेल (Crude Oil) का पहला कार्गो मिलने वाला है।

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India Buying crude Oil from Iran (Photo: AI Generated)

लगभग सात साल के लंबे अंतराल के बाद भारत को Iran से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की पहली खेप मिलने जा रही है। तेल लेकर निकले ईरानी जहाज इस हफ्ते भारत पहुंच रहे हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप (LSEG) और केप्लर शिपिंग डेटा से पता चला है कि Curacao-फ्लैग वाले बहुत बड़े क्रूड कैरियर “Jaya” पर यह तेल लदा हुआ है, जिसे सरकारी कंपनी Indian Oil Corporation ने खरीदा है और यह भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। LSEG के शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ईरानी तेल लेकर चल रहा जहाज पहले दक्षिण-पूर्व एशिया के जलक्षेत्र में गया था, जहां चीन में तेल उतारने के बाद अब वह भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, LSEG डेटा यह भी दिखाता है कि “Jordan” नाम का एक अन्य टैंकर भी भारत को अपना डिस्चार्ज (तेल उतारने का स्थान) बता रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि आगे और भी आपूर्ति भारत पहुंच सकती है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

ईरान से तेल आयात लंबे समय से बंद था

भारत ने 2019 के बाद से ईरान से तेल आयात बंद कर दिया था। इसकी मुख्य वजह United States द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध थे। इन प्रतिबंधों के चलते कई देशों को ईरानी तेल खरीदने से रोक दिया गया था, जिसमें भारत भी शामिल था। United States ने आपूर्ति की कमी को दूर करने के लिए ईरानी तेल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी है। जिसके साथ, अब बदलते वैश्विक हालात और ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए भारत फिर से ईरान के साथ तेल व्यापार की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इससे भारत को अपने तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने में मदद मिलेगी। ईरान से फिर से आपूर्ति शुरू होना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

भारत को लागत कम करने में मिल सकती है मदद

ईरानी तेल प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकता है, जिससे भारत को लागत कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, यह भारत की ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाने में भी सहायक हो सकता है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह कदम भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। तेल मंत्रालय ने भी पिछले सप्ताह बताया कि देश की रिफाइनरी कंपनियों ने Iran से कच्चा तेल खरीदा है। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण उठाया गया है, जिसने Strait of Hormuz के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है।

ईरान से तेल आना भारत के लिए क्यों खास?

ईरान पर प्रतिबंध लगने के कारण भारत ने तेल लेना बंद कर दिया था। हालांकि, एक बार फिर से हालात बदले हैं और 7 साल के बाद ईरानी तेल का जहाज भारत आ रहा है। यह देश के लिए राहत भरी खबर है। क्योंकि ईरान से तेल का सौदा रुपये में होता है। भारत को डॉलर खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। दूसरा बड़ा फायदा यह है कि ईरान भारत को भुगतान के लिए 45 दिनों का समय देता है। इतना ही नहीं, ईरान बार्टर सिस्टम (वस्तु विनिमय प्रणाली) पर भी काम करता है। ईरान भारत से तेल के बदले गेंहू, चावल या दूसरा जरूरी सामान खरीद लेता है। इससे दोनों देशों को फायदा मिलता है। साथ ही, ईरान भारत से नजदीक होने के कारण वैश्विक बाजार की तुलना में कम रेट पर तेल देता है।

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Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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