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सरकार का बड़ा प्लान: 5 साल में बनेंगे नए 50 एयरपोर्ट, इस सेक्टर में आएगी नई क्रांति

Airports News: केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि देश में अगले 5 वर्षों में 50 नए एयरपोर्ट्स बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए न केवल देश की एयरलाइन इंडस्ट्री मजबूत होगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी बड़े अवसर पैदा होंगे। मंत्री ने बताया कि हवाई अड्डे किसी क्षेत्र के रियल एस्टेट का आधार होते हैं।

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भारत बनेगा हवाई अड्डों का केंद्र, रियल एस्टेट में चमकेंगे नए अवसर (तस्वीर-istock)

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Airports News : केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि भारत अगले 5 वर्षों में 50 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रख रहा है। इसका उद्देश्य न केवल देश के नागर विमानन क्षेत्र को मजबूत करना है, बल्कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर को भी नए अवसर मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट किसी शहर या इलाके के रियल एस्टेट के लिए आधार की तरह काम करते हैं।

हवाई अड्डों के आसपास की इमारतों की ऊंचाई पर ध्यान

नायडू ने बताया कि हवाई अड्डों के आसपास इमारतों की ऊंचाई और निर्माण से जुड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए वह सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विमानन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि नए हवाई अड्डों और टर्मिनलों के आसपास निर्माण करते समय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।

भारत का तेजी से बढ़ता विमानन बाजार

मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में शामिल है। वर्तमान में देश में 165 चालू हवाई अड्डे हैं। औसतन हर 33 दिन में एक नया हवाई अड्डा या नया टर्मिनल तैयार किया जा रहा है। इससे देश में यात्रा का अनुभव आसान होगा और व्यापारिक अवसर भी बढ़ेंगे।

रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए नए अवसर

रियल एस्टेट उद्योग निकाय नारेडको द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ’राष्ट्रीय शहरी एवं रियल एस्टेट विकास सम्मेलन 2026’ में मंत्री ने रियल एस्टेट क्षेत्र की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि देश का रियल एस्टेट उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसका आकार लगभग 1000 अरब डॉलर के बराबर होने का अनुमान है। इसके बाद यह 2047 तक बढ़कर 5000 से 7000 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

जीवन स्तर और जीवन की गुणवत्ता पर जोर

नायडू ने रियल एस्टेट विकास में केवल भवन निर्माण पर ध्यान देने के बजाय जीवन स्तर और जीवन की गुणवत्ता पर भी जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि शहरों में रहने वाले लोगों के लिए सुविधाएं बेहतर हों और आवास की गुणवत्ता भी बढ़ाई जाए।

युवाओं के लिए आवासीय परियोजनाएं

मंत्री ने युवाओं के लिए किराये पर दी जाने वाली आवासीय परियोजनाओं के विकास पर भी ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सस्ती और सुविधाजनक आवासीय योजनाएं तैयार करना आज के समय की जरूरत है। इससे न केवल शहरों में रहने की समस्या कम होगी बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

हवाई अड्डे और रियल एस्टेट का जुड़ाव

नायडू ने दोहराया कि हवाई अड्डे किसी शहर की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट के लिए आधार होते हैं। हवाई अड्डों के निर्माण और विस्तार से आसपास के इलाकों में भूमि और भवनों की कीमतों में वृद्धि होती है। इससे रियल एस्टेट उद्योग को नई परियोजनाएं शुरू करने में मदद मिलती है।

भविष्य की योजना और अवसर

मंत्री ने कहा कि सरकार हवाई अड्डों के विस्तार और नई परियोजनाओं के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे न केवल नागर विमानन क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि रियल एस्टेट, होटल, पर्यटन और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में भी नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में देश का रियल एस्टेट क्षेत्र दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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