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भारत अब कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक और आयातक, चौथा सबसे बड़ा भंडार

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated May 29, 2023, 09:01 PM IST

Coal Import Export: कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि 2014 में 500 मिलियन टन कोयले का उत्पादन होता था, लेकिन आज भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक और आयातक बन गया है।

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कोयला खदान

Photo : iStock

Coal Import Export: कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि 2014 में 500 मिलियन टन कोयले का उत्पादन होता था, लेकिन आज भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक और आयातक बन गया है। यहां पहला माइनिंग स्टार्टअप समिट को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि आज भारत के पास चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार है।

कोयले का उत्पादन 850 मिलियन टन पहुंचा

उन्होंने कहा, इस साल, कोयले का उत्पादन 850 मिलियन टन तक पहुंच गया है। हम 2025-2026 तक थर्मल कोयले के आयात को पूरी तरह से बंद करने की उम्मीद करते हैं। इसके अलावा, नई खदानों की खोज और नीलामी के लिए एक पारदर्शी प्रणाली स्थापित की गई है।

पहले खनन स्टार्टअप शिखर सम्मेलन में 82 स्टार्टअप और 140 प्रतिभागी हैं। आयात पर निर्भरता से लागत में वृद्धि और फॉरेन एक्सचेंज खर्च होता है।उन्होंने कहा, आयात कम करने के लिए हमारे पास नई योजना होनी चाहिए।

पिछले नौ वर्षों में एक लाख स्टार्ट-अप

जोशी ने कहा, 2014 में 300 स्टार्ट-अप से, पिछले नौ वर्षों में हमने एक लाख स्टार्ट-अप और सौ यूनिकॉर्न को छू लिया है। इसने नौ लाख नौकरियां पैदा की हैं और 333 अरब डॉलर का संचयी मूल्य जोड़ा है। हालांकि हमें इसे और आगे ले जाने की जरूरत है। टिकाऊ और ऑप्टिमम प्रौद्योगिकी समय की आवश्यकता है। उसी के लिए स्टार्ट-अप तकनीक आवश्यक है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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