अगर आपको बताया जाए कि एक कंपनी का शेयर डेढ़ लाख रुपये का है, लेकिन वह अपने निवेशकों को सिर्फ 3 रुपये का डिविडेंड दे रही है, तो सुनकर जरूर हैरानी होगी। शेयर बाजार में अक्सर महंगे शेयरों से बड़े रिटर्न की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस बार मामला बिल्कुल उलटा निकला। कीमत आसमान पर और डिविडेंड जमीन पर! आखिर कौन-सी कंपनी ने ऐसा किया और क्यों आइए जान लेते हैं।
टायर बनाने वाली दिग्गज कंपनी एमआरएफ (MRF) ने सितंबर तिमाही (Q2) के नतीजे जारी किए, और इस बार कंपनी ने निवेशकों को मुनाफे और डिविडेंड दोनों का शानदार तोहफ़ा दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 12% बढ़कर 526 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा 471 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही कंपनी ने शेयरधारकों को 3 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान भी कर दिया।
एमआरएफ का शेयर खुद में बहुत कीमती माना जाता है। आप जानकर हैरान होंगे कि कंपनी के एक शेयर की कीमत करीब 1.58 लाख रुपये है। यानी इतना महंगा शेयर होने के बावजूद कंपनी डिविडेंड देना नहीं भूलती। यह 3 रुपये प्रति शेयर वाला डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए है। चूंकि इस शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है, तो 3 रुपये का मतलब 30% डिविडेंड हुआ।
कंपनी ने इस डिविडेंड के लिए 21 नवंबर को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी उसी दिन जिन लोगों के पास एमआरएफ के शेयर होंगे, उन्हें ही डिविडेंड मिलेगा। पैसा 5 दिसंबर से शेयरधारकों के खाते में आना शुरू हो जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेशक के पास 10 शेयर हैं, तो उसे कुल 30 रुपये का डिविडेंड मिल जाएगा।
यह पहला मौका नहीं है जब एमआरएफ ने अपने निवेशकों को खुश किया हो। इसी साल जुलाई में कंपनी ने 229 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसके अलावा फरवरी 2024 और नवंबर 2024 में भी 3-3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दिया गया था। यानी साल भर में कुल डिविडेंड लगभग 235 रुपये प्रति शेयर बन गया, जो इतनी महंगी कीमत वाले शेयर के हिसाब से अच्छा रिटर्न माना जाता है।
सितंबर तिमाही में एमआरएफ की ऑपरेटिंग इनकम (Sales) 7.2% बढ़कर 7379 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल यह 6881 करोड़ रुपये थी। कुल इनकम बढ़कर 7487 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी के खर्च भी बढ़े और यह करीब 7% बढ़कर 6788 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा क्योंकि बिक्री में अच्छी बढ़त रही। इस तिमाही में कंपनी का EBITDA 1234 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन बढ़कर 16.7% तक पहुंच गया, जो पिछले साल 16.4% था। यानी कंपनी ने खर्चों पर बेहतर कंट्रोल किया और अच्छी कमाई निकाली।
कंपनी की प्रति शेयर कमाई (EPS) भी बढ़कर 1239 रुपये हो गई, जबकि पिछले साल यह 1110 रुपये थी। यह निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है कि कंपनी स्थिर लाभ दे रही है।
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एमआरएफ भारत का सबसे महंगा शेयर है। आज दोपहर के समय BSE पर इसका शेयर लगभग 1,57,645 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि आज थोड़ी गिरावट दिखी, लेकिन पूरे वर्ष की बात करें तो जनवरी से अब तक यह शेयर 22% चढ़ चुका है।
कंपनी कार, बाइक, ट्रक और बस सभी तरह के वाहनों के टायर बनाती है, और इसका विदेशों में भी बड़ा कारोबार है। इस बार कच्चे माल की कीमत स्थिर रहने और ऑटो सेक्टर में बढ़ती डिमांड ने कंपनी की कमाई को और मजबूत किया।
जो निवेशक लंबे समय से एमआरएफ में निवेश किए बैठे हैं, उनके लिए यह लगातार बेहतरीन रिटर्न देने वाली कंपनी साबित हुई है। आने वाली तिमाहियों में भी अच्छे नतीजे आने की उम्मीद है, क्योंकि शादी का सीजन और नई गाड़ियों की डिमांड बढ़ने वाली है।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)