बिजनेस

India-China एशिया की आर्थिक वृद्धि को देंगे 'रफ्तार'- ADB का अनुमान, पर खड़ी हो सकती है यह चुनौती

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Apr 4, 2023, 07:12 PM IST

एशियाई विकास बैंक यानी एडीबी की यह रिपोर्ट तब आई है, जब मंगलवार को विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि भारत की जीडीपी वृद्धि 2023-24 में खपत में कमी आने की वजह से धीमी पड़कर 6.3 प्रतिशत पर आ सकती है। यह पहले के 6.6 प्रतिशत के अनुमान से कम है।

Image

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : iStock

एशिया की आर्थिक वृद्धि को भारत और चीन रफ्तार देंगे। यह अनुमान एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की ओर से लगाया गया है। मंगलवार (चार अप्रैल, 2023) को जारी एडीबी की एक रिपोर्ट में कहा गया गया कि भारत में मजबूत मांग और चीन का कोरोना वायरस महामारी से निकलकर बाहर आना इस साल एशिया में मजबूत आर्थिक वृद्धि के कारक होंगे। एशिया इस साल और अगले साल 4.8 फीसदी की दर से बढ़ेगा, जो वर्ष 2022 के 4.2 प्रतिशत से ज्यादा है।

ताजा अनुमान में एडीबी की ओर से यह भी बताया गया कि इस साल मुद्रास्फीति में कमी आने के आसार हैं। यह 2024 में और भी कम होगी। हालांकि, संस्थान के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तेल उत्पादक देशों की तरफ से उत्पादन में कमी के फैसले की वजह से तेल के दामों में तेजी आ सकती है, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ेगा जो क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

वैसे, बैंक की रिपोर्ट का विश्लेषण इस अनुमान पर आधारित है कि ब्रेंट क्रूड तेल इस वर्ष 88 डॉलर प्रति बैरल और अगले वर्ष 90 डॉलर प्रति बरैल रहेगा। तेल के दाम इस स्तर के नीचे ही बने हुए थे। एक रोज पहले यानी सोमवार (तीन अप्रैल, 2023) को यह 83 डॉलर प्रति बैरल था, पर सऊदी अरब समेत प्रमुख तेल उत्पादक देशों की ओर से उत्पादन में कमी करने की घोषणा के बाद दामों में पांच प्रतिशत की तेजी आई।

एडीबी ने संभावना जताई है कि चीन की अर्थव्यवस्था इस साल पांच फीसदी और अगले साल 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। चूंकि, 2022 में यह तीन फीसदी थी, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था के इस साल 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। 2021 में यह आंकड़ा 9.1 प्रतिशत और 2022 में यह 6.8 प्रतिशत था। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article