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भारत ने मोहम्मद यूनुस को दिया एक और झटका, जमीनी मार्ग के जरिये विशिष्ट जूट उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाया

अप्रैल और मई में भारत ने बांग्लादेश से आयात पर इसी तरह के प्रतिबंधों की घोषणा की थी। भारत ने 17 मई को पड़ोसी देश से रेडीमेड कपड़ों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे कुछ सामानों के आयात पर बंदरगाह प्रतिबंध लगा दिए थे।

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बांग्लादेश से जमीनी मार्ग के जरिये विशिष्ट जूट उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाया (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश से जमीन मार्ग से कुछ विशिष्ट जूट उत्पादों और बुने हुए कपड़ों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि इसकी अनुमति केवल न्हावा शेवा बंदरगाह के माध्यम से है। कपड़ा क्षेत्र में बांग्लादेश भारत का बड़ा प्रतिस्पर्धी है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत-बांग्लादेश व्यापार 12.9 अरब डॉलर था। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का निर्यात 11.46 अरब डॉलर था, जबकि आयात दो अरब डॉलर था।

भारत ने 17 मई को बांग्लादेश से रेडीमेड (तैयार) कपड़ों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे कुछ सामानों के आयात पर बंदरगाह को लेकर प्रतिबंध लगा दिए। इन प्रतिबंधों के अंतर्गत आने वाले उत्पादों में जूट उत्पाद, एकल सन का धागा, जूट का एकल धागा, बहु-मुड़ा हुआ, बुने हुए कपड़े या फ्लेक्स, और जूट के बिना ब्लीच किए बुने हुए कपड़े शामिल हैं।

इसमें कहा गया है कि इस तरह के बंदरगाह प्रतिबंध भारत से होकर नेपाल और भूटान जाने वाले बांग्लादेशी सामानों पर लागू नहीं होंगे। अधिसूचना के अनुसार, नेपाल और भूटान के माध्यम से बांग्लादेश से भारत में इन उत्पादों के फिर से निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीएफटी ने कहा, “भारत-बांग्लादेश सीमा पर किसी भी भूमि बंदरगाह से बांग्लादेश से आयात की अनुमति नहीं होगी। इसकी अनुमति केवल न्हावा शेवा बंदरगाह के माध्यम से ही दी जाती है। बांग्लादेश से भारत में विशिष्ट वस्तुओं के आयात को तत्काल प्रभाव से विनियमित किया जाता है।”

इससे पहले, अप्रैल और मई में भारत ने बांग्लादेश से आयात पर इसी तरह के प्रतिबंधों की घोषणा की थी। भारत ने 17 मई को पड़ोसी देश से रेडीमेड कपड़ों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे कुछ सामानों के आयात पर बंदरगाह प्रतिबंध लगा दिए थे। नौ अप्रैल को भारत ने नेपाल और भूटान को छोड़कर पश्चिम एशिया, यूरोप और अन्य देशों को विभिन्न वस्तुओं के निर्यात के लिए बांग्लादेश को दी गई किसी तीसरे स्थान से होते हुए कारोबार करने की सुविधा वापस ले ली।

इन उपायों की घोषणा बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस द्वारा चीन में दिए गए विवादास्पद बयानों की पृष्ठभूमि में की गई। इन टिप्पणियों को भारत ने अच्छी तरह से नहीं लिया। देश में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। यूनुस द्वारा अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों को रोकने में विफल रहने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर पड़ा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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