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India-Bangladesh Trade:भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार आंशिक रुप से बहाल, 8 अगस्त तक पूर्ण बहाल होने की उम्मीद

India-Bangladesh Trade: उत्तर-24 परगना जिले के भूमि बंदरगाह से बांग्लादेश को काला पत्थर, आंवला, मिर्च, हल्दी और गेहूं चोकर जैसी प्रमुख वस्तुएं निर्यात की जाती हैं।

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इंडिया-बांग्लादेश के बीच व्यापार

Photo : PTI

India-Bangladesh Trade:बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पांच अगस्त से बंद पड़ा भारत-बांग्लादेश व्यापार पश्चिम बंगाल में विभिन्न स्थलीय बंदरगाहों के जरिये आंशिक रूप से बहाल हो गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार के जल्द ही सामान्य होने की उम्मीद है। हिली, चांगराबांधा, महादीपुर, फुलबारी और गोजाडांगा के स्थलीय बंदरगाहों पर अधिकांशतः जल्द खराब होने वाले सामानों का व्यापार बहाल हो गया है।

8 अगस्त तक पूरी तरह से व्यापार होने की उम्मीद

बेनापोल सीएंडएफ स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव साजिदुर रहमान ने कहा कि दो स्थलीय बंदरगाहों के बीच बैठक हुई है। उम्मीद है कि कल तड़के छह बजे व्यापार बहाल हो जाएगा।बेनापोल पश्चिम बंगाल के उत्तर-24 परगना जिले में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े भूमि बंदरगाह पेत्रपोल सीमा के बांग्लादेश की ओर स्थित है।बांग्लादेश में संकट के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थिति की समीक्षा करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक भी मंगलवार को पेत्रपोल में थे।

कैरीइंग एंड फॉरवर्डिंग एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी जॉयदेव सरकार ने कहा कि ट्रक तैयार हो रहे हैं और घोजादंगा के रास्ते बांग्लादेश की ओर कुछ माल की आवाजाही शुरू हो गई है। यह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि घोजादंगा के दूसरी ओर पड़ोसी देश के भोमरा में स्थिति स्थिर बनी हुई है। उत्तर-24 परगना जिले के भूमि बंदरगाह से बांग्लादेश को काला पत्थर, आंवला, मिर्च, हल्दी और गेहूं चोकर जैसी प्रमुख वस्तुएं निर्यात की जाती हैं।एक अन्य कारोबारी ने बताया कि मालदा के महादीपुर में भी ट्रकों को माल निर्यात के लिए तैयार किया जा रहा है।

बांग्लादेश के बेनापोल बंदरगाह में सीएंडएफ एजेंट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने कहा कि व्यापार अभी तक बहाल नहीं हुआ है।

पश्चिम बंगाल निर्यातक समन्वय समिति के सचिव उज्ज्वल साहा ने कहा कि अशांति से पहले निर्यात किए गए माल को उतारने के लिए बांग्लादेश गए खाली ट्रक वापस आ रहे हैं।भारत बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अल्पसंख्यकों पर हमलों की रिपोर्टों के बारे में चिंतित है और पड़ोसी के साथ सभी भूमि सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

भारत-बांग्लादेश के बीच कितना व्यापार

बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत भी एशिया में अपने पड़ोसी का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।बांग्लादेश को भारत का निर्यात 2022-23 में 12.21 अरब अमेरिकी डॉलर से घटकर 2023-24 में 11 अरब डॉलर रह गया। आयात भी पिछले वित्त वर्ष में घटकर 1.84 अरब डॉलर रह गया, जो 2022-23 में दो अरब डॉलर था। बांग्लादेश को भारत के मुख्य निर्यात में सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, चीनी, रिफाइंड पेट्रोलियम तेल, रसायन, कपास, लोहा और इस्पात तथा वाहन आदि शामिल हैं।वहीं भारत को बांग्लादेश का निर्यात कुछ श्रेणियों जैसे वस्त्र तथा परिधानों तक ही सीमित है, जो उनके निर्यात का 56 प्रतिशत है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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