8 अगस्त तक पूरी तरह से व्यापार होने की उम्मीद
बेनापोल सीएंडएफ स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव साजिदुर रहमान ने कहा कि दो स्थलीय बंदरगाहों के बीच बैठक हुई है। उम्मीद है कि कल तड़के छह बजे व्यापार बहाल हो जाएगा।बेनापोल पश्चिम बंगाल के उत्तर-24 परगना जिले में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े भूमि बंदरगाह पेत्रपोल सीमा के बांग्लादेश की ओर स्थित है।बांग्लादेश में संकट के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थिति की समीक्षा करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक भी मंगलवार को पेत्रपोल में थे।
कैरीइंग एंड फॉरवर्डिंग एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी जॉयदेव सरकार ने कहा कि ट्रक तैयार हो रहे हैं और घोजादंगा के रास्ते बांग्लादेश की ओर कुछ माल की आवाजाही शुरू हो गई है। यह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि घोजादंगा के दूसरी ओर पड़ोसी देश के भोमरा में स्थिति स्थिर बनी हुई है। उत्तर-24 परगना जिले के भूमि बंदरगाह से बांग्लादेश को काला पत्थर, आंवला, मिर्च, हल्दी और गेहूं चोकर जैसी प्रमुख वस्तुएं निर्यात की जाती हैं।एक अन्य कारोबारी ने बताया कि मालदा के महादीपुर में भी ट्रकों को माल निर्यात के लिए तैयार किया जा रहा है।
बांग्लादेश के बेनापोल बंदरगाह में सीएंडएफ एजेंट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने कहा कि व्यापार अभी तक बहाल नहीं हुआ है।
पश्चिम बंगाल निर्यातक समन्वय समिति के सचिव उज्ज्वल साहा ने कहा कि अशांति से पहले निर्यात किए गए माल को उतारने के लिए बांग्लादेश गए खाली ट्रक वापस आ रहे हैं।भारत बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अल्पसंख्यकों पर हमलों की रिपोर्टों के बारे में चिंतित है और पड़ोसी के साथ सभी भूमि सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
भारत-बांग्लादेश के बीच कितना व्यापार
बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत भी एशिया में अपने पड़ोसी का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।बांग्लादेश को भारत का निर्यात 2022-23 में 12.21 अरब अमेरिकी डॉलर से घटकर 2023-24 में 11 अरब डॉलर रह गया। आयात भी पिछले वित्त वर्ष में घटकर 1.84 अरब डॉलर रह गया, जो 2022-23 में दो अरब डॉलर था। बांग्लादेश को भारत के मुख्य निर्यात में सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, चीनी, रिफाइंड पेट्रोलियम तेल, रसायन, कपास, लोहा और इस्पात तथा वाहन आदि शामिल हैं।वहीं भारत को बांग्लादेश का निर्यात कुछ श्रेणियों जैसे वस्त्र तथा परिधानों तक ही सीमित है, जो उनके निर्यात का 56 प्रतिशत है।
