New Tax Regime: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। लेकिन यह इस साल चुनाव की वजह से पूर्ण बजट न होकर अंतरिम बजट होगा। सरकार इस बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं कर सकती है क्योंकि यह पूर्ण बजट नहीं है। नई सरकार के गठन होने के बाद वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। सरकार पिछले साल के बजट में इनकम टैक्स को लेकर बड़ा ऐलान किया था। नई टैक्स रिजीम में टैक्स छूट में कई बदलाव का ऐलान किया गया था। आइए जानते हैं क्या-क्या हुआ था।
New Tax Regime में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में सभी टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने के लिए नई व्यक्तिगत टैक्स व्यवस्था में टैक्स स्ट्रैक्टर में टैक्स स्लैब की संख्या घटाकर 5 कर दी गई है और टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दी गई है।
- 0-3 लाख रुपए की आय पर कोई टैक्स नहीं
- 3-6 लाख रुपए की आय पर 5% टैक्स
- 6-9 लाख रुपए की आय पर 10% टैक्स
- 9-12 लाख रुपए की आय पर 15% टैक्स
- 12-15 लाख रुपए की आय पर 20% टैक्स
- 15 लाख रुपए से ऊपर की आय पर 30% टैक्स
बढ़ाई गई थी टैक्स छूट की लिमिट
न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में छूट की सीमा बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दी गई थी यानी नई टैक्स व्यवस्था में 7 लाख रुपए तक की इनकम वाले व्यक्तियों को कोई टैक्स नहीं देना होगा।
अधिकतम सरचार्ज रेट में कमी
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में 2 करोड़ रुपए से अधिक की आय पर व्यक्तिगत इनकम टैक्स में अधिकतम सरचार्ज रेट 37% से घटाकर 25% कर दी गई है। इससे व्यक्तिगत इनकम टैक्स की अधिकतम कर रेट घटकर 39% हो जाएगी जो पहले 42.74% थी।
लीव इनकैशमेंट पर टैक्स छूट
New Tax Regime में गैर-सरकारी वेतनभोगी कर्मचारियों के रिटायरमेंट पर छुट्टी के बदले पैसे (लीव एनकैशमेंट) पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई।
New Tax Regime के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन लाभ
नए टैक्स रिजीम के तहत मानक कटौती का लाभ सैलरी पाने वाला वर्ग और परिवार तक बढ़ा दिया गया है। सैलरी पाने वाले को 50,000 रुपए और पेंशनभोगियों को 15,000 रुपए की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगी।
डिफॉल्ट टैक्स व्यवस्था बन गई New Tax Regime
नई इनकम टैक्स व्यवस्था को डिफॉल्ट टैक्स रिजीम बना दिया गया है। अगर आप टैक्स भरने के लिए टैक्स व्यवस्था का चुनाव नहीं करते हैं तो स्वत: आप नई टैक्स व्यवस्था में के तहत आ जाएंगे। हालांकि आपको के पास पुरानी टैक्स व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए विकल्प चुनने का अधिकार है।
