रिफंड बढ़ा तो कम हुआ टैक्स कलेक्शन, 5.63 लाख करोड़ पर अटका आंकड़ा
- Edited by: Vishal Mathel
- Updated Jul 12, 2025, 08:23 AM IST
सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य ₹25.20 लाख करोड़ रखा है, जो पिछले साल से 12.7% ज्यादा है। अभी तक सरकार ने इस लक्ष्य का 22.34% हिस्सा ही जुटाया है। सरकार का एसटीटी (STT) से इस साल ₹78,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य भी है।
पिछले साल की तुलना में इस बार शुद्ध टैक्स कलेक्शन कम हुआ है। हालांकि, रिफंड में 38 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। (फोटो सोर्स-istock)
Net direct tax collection declined: वित्त वर्ष 2025-26 में 10 जुलाई तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 1.34% घटकर लगभग 5.63 लाख करोड़ रुपये रह गया है। सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, टैक्स कलेक्शन में यह गिरावट मुख्य रूप से रिफंड बढ़ने की वजह से हुई है। पिछले साल इसी अवधि में 5.70 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। वहीं, इस वित्त वर्ष में अब तक कुल 1.02 लाख करोड़ रुपये के नेट रिफंड जारी किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 38% ज्यादा हैं।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक:
- शुद्ध कंपनी कर संग्रह 3.67% घटकर ₹2 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2.07 लाख करोड़ था।
- गैर-कंपनी कर (जिसमें व्यक्तिगत, एचयूएफ और फर्म शामिल हैं) का संग्रह ₹3.45 लाख करोड़ रहा।
- 1 अप्रैल से 10 जुलाई तक प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) से ₹17,874 करोड़ जुटाए गए।
पिछले साल की तुलना में इस बार शुद्ध टैक्स कलेक्शन कम हुआ है। हालांकि, रिफंड में 38% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वित्त वर्ष में अब तक ₹1.02 लाख करोड़ के रिफंड जारी हो चुके हैं। वहीं, अगर सकल टैक्स कलेक्शन (रिफंड से पहले) की बात करें तो यह 3.17% बढ़कर ₹6.65 लाख करोड़ रहा है। सकल कंपनी कर संग्रह 9.42% बढ़कर ₹2.90 लाख करोड़ पहुंचा। वहीं, सकल गैर-कंपनी कर संग्रह 1.28% गिरकर ₹3.57 लाख करोड़ रहा।
शारदुल अमरचंद मंगलडास एंड कंपनी की पार्टनर गौरी पुरी ने कहा कि शुद्ध टैक्स कलेक्शन में गिरावट का कारण रिफंड में वृद्धि है। उन्होंने कहा, “सरकार टैक्स सेवाओं को आसान और समय पर रिफंड देने पर ध्यान दे रही है, जिससे कारोबार में सहूलियत बढ़ेगी।”
सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य ₹25.20 लाख करोड़ रखा है, जो पिछले साल से 12.7% ज्यादा है। अभी तक सरकार ने इस लक्ष्य का 22.34% हिस्सा ही जुटाया है। सरकार का एसटीटी (STT) से इस साल ₹78,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य भी है।