इनकम टैक्स

Income Tax Saving: एचआरए, लोन लिए बिना भी करीब 4 लाख कटौती पर कर सकते हैं दावा

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 27, 2024, 04:30 PM IST

Income Tax Saving: इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक निवेश पर टैक्स छूट पा सकते हैं। आप बिना एचआरए और लोन में खर्च किए बिना भी कई तरीके से टैक्स में बचत कर सकते हैं।

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अधिक से अधिक इनकम टैक्स कटौती का कर सकते हैं दावा

Photo : BCCL

Income Tax Saving: हर आदमी चाहता है कि उसकी आय का कम से कम हिस्सा टैक्स में कटे। इसके लिए वह कई तरह के निवेश करते हैं। इनकम टैक्स बचने के लिए टैक्सपेयर्स पुरानी आयकर व्यवस्था (Old Income Tax Regime) चुनते हैं। अब सवाल यह है कि आप अपनी कमाई निवेश किए बिना कितना टैक्स बचा सकते हैं। उन विभिन्न इनकम टैक्स कटौतियों के बारे में बताता है जिनका लाभ आप वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अपना इनकम टैक्स बचाने के लिए उठा सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80सी सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली कटौती में से एक है जो प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपए तक की कटौती प्रदान करती है। आप बिना एचआरए और लोन में खर्च किए बिना भी कई तरीके से टैक्स में बचत कर सकते हैं।

इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत यहां कर सकते हैं निवेश

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश, ईपीएफ में योगदान, जीवन बीमा प्रीमियम भुगतान, सार्वजनिक भविष्य निधि योगदान, टैक्स बचत फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश, पांच साल की लॉक-इन अवधि के साथ डाकघर फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र निवेश, इक्विटी-लिंक्ड बचत योजना (ELSS) में निवेश, पेंशन योजनाओं या स्थगित वार्षिकी योजनाओं में निवेश, भारत के भीतर स्थित किसी भी विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल या अन्य शैक्षणिक संस्थान में दो बच्चों तक की ट्यूशन फीस का भुगतान के जरिए टैक्स का पैसा बचा सकते हैं। गौर हो कि धारा 80सी कटौती केवल पुरानी आयकर व्यवस्था के तहत उपलब्ध है।

एनपीएस योगदान पर 50000 रुपए तक की अतिरिक्त कटौती का दावा

अगर आप राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में निवेश करते हैं तो आप आयकर एक्ट 1961 की धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपए की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं। सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए की कुल सीमा से अधिक है। इसलिए अगर आपने अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करके धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की सीमा समाप्त कर ली है,इस सेक्शन के तहत कटौती के लिए पात्र हैं तो आप एनपीएस में योगदान कर सकते हैं और धारा 80CCD(1B) के तहत 50000 रुपए की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं।

इनकम टैक्स के सेक्शन 80D के तहत 75000 रुपए कटौती का दावा

आज के समय में मेडिकल बीमा होना बहुत जरुरी है। अगर आपने अपने परिवार या अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए मेडिकल बीमा पॉलिसी खरीदी है तो धारा 80डी के तहत 25,000 रुपए की कटौती का दावा कर सकते हैं। अगर आप स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम का भुगतान करते हैं अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 वर्ष से कम है, तो आप 25,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। अगर आपके माता-पिता सीनियर सिटिजन हैं तो आप उनकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम का भुगतान करने पर 50,000 रुपये की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। तो वे टैक्सपेयर जो 60 वर्ष से कम आयु के हैं और सीनियर माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करते हैं, धारा 80डी के तहत अधिकतम 75,000 रुपए तक टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं।

सेक्शन 80A 10000 रुपए तक की कर सकते हैं कटौती का दावा

अगर आपके पास बचत खाता है तो आप खाते से अर्जित कुल ब्याज से 10000 रुपए तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। बचत खाता किसी बैंक, सहकारी या डाकघर में होना चाहिए। अगर आपके पास विभिन्न बैंकों में कई बचत खाते हैं तो उन्हें एक साथ जोड़ दिया जाएगा और एक ही खाते के रूप में माना जाएगा। यह इनकम टैक्स कटौती केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत उपलब्ध है। ध्यान रखें कि अन्य स्रोतों जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट या रेकरिंग डिपॉजिट से अर्जित ब्याज, सेक्शन 80TTA के तहत कटौती के लिए योग्य नहीं होगा।

स्टेंडर्ड डिडक्शन के तहत कर सकते हैं 50000 रुपए की एकमुश्त कटौती का दावा

स्टेंडर्ड डिडक्शन एक फ्लैट कटौती है, वेतनभोगी व्यक्ति टैक्स योग्य वेतन आय के खिलाफ वास्तविक व्यय के किसी भी प्रमाण की आवश्यकता के बिना दावा कर सकते हैं। वेतनभोगी करदाता बिना किसी निवेश के एक वित्तीय वर्ष में 50000 रुपए की मानक कटौती का दावा कर सकते हैं। यह कटौती पुरानी और नई दोनों इनकम टैक्स रिजीम के तहत उपलब्ध है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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