Income Tax Return Verification: आपका इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग तब तक पूरा नहीं किया जा सकता है जब तक कि आप अपने ITR को एक निर्धारित समय के भीतर सत्यापित (Verify) नहीं करते हैं। अगर आप इस प्रोसेस को पूरा नहीं करते हैं तो इसे अमान्य माना जाएगा। इनकम टैक्स विभाग इनकम टैक्स रिटर्न के ऑनलाइन और ऑफलाइन वेरिफिकेशन दोनों की अनुमति देता है। अगर आप समय पर वेरिफाई नहीं करते हैं तो आपके रिटर्न को फाइल नहीं माना जाएगा और यह इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के तहत आईटीआर को दर्ज नहीं करने के सभी परिणामों को आकर्षित करेगा। हालांकि आप उचित कारण देकर वेरिफिकेशन का अनुरोध कर सकते हैं।
इस तरह के अनुरोध के बाद आप अपने रिटर्न को ई-सत्यापित (e-verify) करने में सक्षम होंगे। हालांकि रिटर्न को केवल एक बार मान्य किया जाएगा। जब सक्षम इनकम टैक्स ऑथरिटी द्वारा कॉन्डोनेशन अनुरोध को अनुमोदित किया गया हो। ई-सत्यापन (e-Verification) आपके ITR को सत्यापित करने के लिए सबसे आसान और तात्कालिक तरीका है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कई तरीकों की अनुमति देता है जिनके माध्यम से टैक्सपेयर्स अपने ITR को सत्यापित कर सकता है।
ITR के ई-सत्यापन (e-Verification) के लिए क्या करें?
स्टेप 1: इनकम टैक्स वेबसाइट पर लॉगिन करें।स्टेप 2: ई-सत्यापन पर क्लिक करें।
स्टेप 3: नए वेबपेज पर रिटर्न विवरण दर्ज करें।
स्टेप 4: वेरिफिकेशन> रिटर्न वेरिफिकेशन के लिए मेथड का चयन करें> सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन करें।
अपने ITR को e-verify कैसे करें?
1. आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा।2. EVC आपके पूर्व-मान्य बैंक अकाउंट के जरिये जनरेट होगा।
3. EVC आपके पूर्व-मान्य डीमैट अकाउंट के जरिये जनरेट होगा।
4. EVC एटीएम (ऑफलाइन मेथड) के जरिये जनरेट होगा।
5. नेट बैंकिंग या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC)के जरिये ई-वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
इस तरह आपने किसी दिए गए वित्तीय वर्ष की अपने आयकर रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
