New Tax Regime : FY 2024-25 (AY 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग का सीजन शुरू हो गया है। हालांकि कई टैक्सपेयर्स को नए टैक्स रिजीम के तहत लागू होने वाले इनकम टैक्स स्लैब्स की जानकारी नहीं होती, जो उनकी टैक्स देयता (Tax Liability) जानने के लिए जरूरी है। इसका कारण यह है कि FY 2024-25 (AY 2025-26) के लिए इनकम टैक्स स्लैब्स वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 से अलग हैं।

इनकम टैक्स स्लैब के बारे में जानिए
जब आप AY 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करेंगे तो आपको FY 2024-25 के टैक्स स्लैब्स का उपयोग करना होगा। FY 2024-25 के लिए फाइल की गई ITR में आप सेक्शन 87A के तहत 12 लाख तक की नेट टैक्सेबल इनकम पर मिलने वाला टैक्स रिबेट क्लेम नहीं कर पाएंगे, जो बजट 2025 में घोषित किया गया था। क्योंकि यह रिबेट FY 2025-26 के लिए लागू है। लेकिन नए टैक्स रेजीम के तहत आप FY 2024-25 के लिए 7 लाख तक की नेट टैक्सेबल इनकम पर सेक्शन 87A के तहत टैक्स रिबेट ले सकते हैं। इसी तरह, बजट 2025 में घोषित टैक्स स्लैब्स ITR फाइल करते समय लागू नहीं होंगे, बल्कि पुराने स्लैब्स लागू होंगे।

जानें इनकम टैक्स स्लैब के बारे में
FY 2024-25 (AY 2025-26) के लिए नए टैक्स रेजीम के तहत इनकम टैक्स स्लैब्स: यह टैक्स स्लैब्स आपकी इनकम टैक्स देयता का सही हिसाब लगाने में मदद करेंगे।
| इनकम टैक्स स्लैब (रुपये में) | इनकम टैक्स रेट (प्रतिशत में) |
| 0-3,00,000 | 0% |
| 3,00,001-7,00,000 | 5% |
| 7,00,001-10,00,000 | 10% |
| 10,00,001-12,00,000 | 15% |
| 12,00,001-15,00,000 | 20% |
| 15,00,001 and above | 30% |
पुराने टैक्स रेजीम के तहत इनकम टैक्स स्लैब्स: पुराने टैक्स रेजीम के टैक्स स्लैब्स आपके उम्र के आधार पर अलग-अलग होते हैं। 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए आयकर स्लैब।
| इनकम टैक्स स्लैब (रुपये में) | इनकम टैक्स रेट (प्रतिशत में) |
| 0-2,50,000 | 0% |
| 2,50,001-5,00,000 | 5% |
| 5,00,001-10,00,000 | 20% |
| 10,00,001 and above | 30% |
60 से 80 वर्ष के व्यक्तियों के लिए स्लैब
| इनकम टैक्स स्लैब (रुपये में) | इनकम टैक्स रेट (प्रतिशत में) |
| 0-3,00,000 | 0% |
| 3,00,001-5,00,000 | 5% |
| 5,00,001-10,00,000 | 20% |
| 10,00,001 and above | 30% |
80 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए स्लैब
| इनकम टैक्स स्लैब (रुपये में) | इनकम टैक्स रेट (प्रतिशत में) |
| 0-5,00,000 | 0% |
| 5,00,001-10,00,000 | 20% |
| 10,00,001 and above | 30% |
ITR फाइल करते समय ध्यान देने योग्य बातें
कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी गई है। यह विस्तार उन लोगों के लिए है जिनके अकाउंट ऑडिट की जरुरत नहीं है। पुराने टैक्स रिजीम का विकल्प इस तारीख तक ही उपलब्ध होगा। अगर आप पुराने रिजीम का विकल्प चुनना चाहते हैं, तो अपनी ITR 15 सितंबर 2025 तक जरूर फाइल करें। क्योंकि नए टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट माना जाता है। इस तारीख के बाद अगर आप ITR फाइल करते हैं, तो वह केवल नए टैक्स रिजीम के तहत ही स्वीकार होगी।

इनकम टैक्स स्लैब के बारे में जानें
नया टैक्स रेजीम में अतिरिक्त लाभ
- नए टैक्स रिजीम के तहत सैलरी इनकम से अधिक स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।
- बजट 2024 में सैलरी से स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया है।
- साथ ही, सेक्शन 80CCD(2) के तहत नियोक्ता के NPS कॉन्ट्रिब्यूशन पर भी 14% तक की डिडक्शन मिलती है, बशर्ते आप नया टैक्स रिजीम चुनें।
इस तरह, FY 2024-25 के लिए ITR फाइल करते समय पुराने टैक्स स्लैब्स और नियमों का पालन करना जरूरी है, जबकि नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में घोषित नए नियम अगले साल लागू होंगे।
