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Income tax Refund फेल हो गया है? इस तरह रिफंड दोबारा पाने का करें अनुरोध, अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस जानें

ITR refund reissue request: आपको बता दें कि जब गलत बैंक डिटेल्स, बंद अकाउंट या दूसरी समस्याओं की वजह से इनकम टैक्स रिफंड फेल हो जाता है, तो रिफंड दोबारा जारी करने की रिक्वेस्ट की जरूरत होती है।

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इनकम टैक्स रिफंड

TR refund reissue request: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के कई महीनों के बाद भी कुछ लोगों को रिफंड फेल हो गया है। अब रिवाइज्ड ITR भरने की डेडलाइन भी करीब आ रही है। टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपका ITR रिफंड फेल हो गया है, तो टैक्सपेयर सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) से कम्युनिकेशन मिलने के बाद ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिफंड दोबारा जारी करने के लिए रिक्वेस्ट कर सकता है। रिफंड सिर्फ पहले से वेरिफाइड बैंक अकाउंट में ही जारी किया जाएगा।

रिफंड दोबारा जारी करने की रिक्वेस्ट ऐसे करें?

स्टेप 1: ‘ई-फाइलिंग’ पोर्टल https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर लॉग इन करें।

स्टेप 2: सर्विस मेन्यू पर जाएं और 'रिफंड दोबारा जारी करें' पर क्लिक करें।

स्टेप 3: रिफंड दोबारा जारी करने की रिक्वेस्ट बनाएं। आपको उस असेसमेंट ईयर की डिटेल्स मिलेंगी जिसके लिए रिफंड फेल हो गया था।

स्टेप 4: असेसमेंट ईयर चुनें और जारी रखें पर क्लिक करें। अगली स्क्रीन पर, आपको बैंक की डिटेल्स मिलेंगी।

स्टेप 5: अगर बैंक वैलिडेट नहीं है, तो उसे वैलिडेट करें। वैलिडेशन के बाद, उस बैंक को चुनें और रिक्वेस्ट सबमिट करें।

ITR रिफंड कब फेल हो जाता है?

1. अगर आपका बैंक अकाउंट पहले से वैलिडेटेड नहीं है, तो अब प्री-वैलिडेशन प्रोसेस पूरा करना जरूरी है।

2. बैंक अकाउंट पर नाम PAN कार्ड की डिटेल्स से अलग है।

3. अगर IFSC कोड गलत है।

4. अगर आपने ITR में जो अकाउंट बताया है, वह बंद हो गया है।

बताते चलें कि अधिकांश रिफंड अटकना या फेल होना टैक्सपेयर्स की गलती से कारण होता है। अगर टैक्सपेयर ने जानकारी सही से नहीं भरी या गलत जानकारी दी है तो रिफंड फेल या अटकने का चांस ज्यादा होता है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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