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Income Tax Calculation: ₹15 लाख और ₹25 लाख की सैलरी पर कितना लगेगा टैक्स? देखें कैलकुलेशन

अगर आप इनकम टैक्स पेयर्स हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम में किसे चुनना आपको लिए ज्यादा फायदेमंद होगा?

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इनकम टैक्स

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी रिटर्न फर्म को नोटिफाई कर दिया है। इसके बाद टैक्सपेयर्स ने एक बार फिर FY26 के लिए अपने लेन-देन का ब्योरा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपकी सैलरी 12.75 लाख से अधिक है तो न्यू टैक्स रिजीम के अनुसार टैक्स देना होगा। आयकर विभाग टैक्सपेयर्स को दो विकल्प दिए हुए हैं। पहला ओल्ड टैक्स रिजीम और दूसरा न्यू टैक्स रिजीम। न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की सालाना इनकम पर टैक्स जीरो किया गया है। साथ ही 75 लाख रुपये का अलग से स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया गया है। यानी 12.75 लाख तक कोई टैक्स नहीं, लेकिन इससे अधिक की इनकम पर टैक्स चुकाना होगा। आइए समझते हैं कि अगर आपकी सैलरी 15 लाख से लेकर 25 लाख तक है तो कितना टैक्स देना पड़ सकता है?

टैक्स स्लैब- पुरानी व्यवस्था

  • 2.5 लाख रुपये के इनकम पर टैक्स: जीरो
  • 2.5 लाख से 5 लाख तक के इनकम पर: 5%
  • 5 लाख से 10 लाख तक के इनकम पर: 20%
  • 10 लाख या उससे ज्यादा के इनकम पर: 30%

टैक्स स्लैब- नई व्यवस्था:

  • 4 लाख तक के इनकम पर: जीरो टैक्स
  • 4 लाख से 8 लाख तक के इनकम पर: 5%
  • 8 लाख से 12 लाख तक के इनकम पर: 10%
  • 12 लाख से 16 लाख तक के इनकम पर: 15%
  • 16 लाख से 20 लाख तक के इनकम पर: 20%
  • 20 लाख से 24 लाख तक के इनकम पर: 25%
  • 24 लाख से ऊपर के इनकम पर: 30%

पुराने और नए टैक्स सिस्टम में मुख्य अंतर

पुराने सिस्टम के तहत, टैक्सपेयर्स कई कटौतियों का दावा कर सकते थे, जैसे कि सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का निवेश, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), और सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे। इस मामले में, स्टैंडर्ड कटौती 50,000 रुपये है।

इसकी तुलना में, न्यू टैक्स सिस्टम 75,000 रुपये की ज्यादा स्टैंडर्ड कटौती देता है, लेकिन छूटों और कटौतियों को हटा देता है। हालांकि, न्यू टैक्स सिस्टम के तहत कुछ फायदे अभी भी उपलब्ध हैं, जिनमें NPS में एम्प्लॉयर का योगदान, किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर हाउसिंग लोन का ब्याज, और दूसरी चीजें शामिल हैं। यह साफ है कि 12.75 लाख रुपये तक की इनकम के लिए, नया सिस्टम ज्यादा फायदेमंद है।

15 लाख रुपये की आय पर टैक्स की देनदारी

अगर आपकी आय सालाना 15 लाख रुपये है तो पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत कटौतियों से पहले टैक्स की देनदारी 2,57,400 रुपये होगी। वहीं, न्यू टैक्स रिजीम में यह घटकर 97,500 रुपये हो जाती है। इसका मतलब है कि नई व्यवस्था के तहत टैक्स देने वाले को लगभग 1,59,900 रुपये की बचत होती है।

25 लाख रुपये की आय पर टैक्स की देनदारी

इसी तरह, जिन टैक्स देने वालों की सालाना आय 25 लाख रुपये है, उनके लिए पुरानी व्यवस्था के तहत कटौतियों से पहले टैक्स की देनदारी 5,69,400 रुपये है, जबकि नई व्यवस्था के तहत यह घटकर 3,19,800 रुपये हो जाती है। इससे नई टैक्स व्यवस्था के तहत लगभग 2,49,600 रुपये की टैक्स बचत होती है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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