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ईरान युद्ध का असर भारत पर भी! Moody’s ने घटाया GDP ग्रोथ का अनुमान, बढ़ेगी महंगाई

रिपोर्ट में कहा गया कि निजी उपभोग में कमी, औद्योगिकी गतिविधियों में सुस्ती, सकल निश्चित पूंजी सृजन में कमी, दाम बढ़ने तथा लागत बढ़ने से भारत की वृद्धि दर प्रभावित होगी

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भारत की जीडीपी

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर हो रहा है। इससे भारत भी अछता नहीं है। भारत को भी महंगे तेल और गैस का आयात करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर रुपये में गिरावट है। इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ रेट पर पड़ने का अनुमान मूडीज रेटिंग्स ने जारी किया है। मूडीज रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण भारत की वृद्धि की रफ्तार घटेगी और इससे महंगाई का जोखिम भी बढ़ेगा।

रसोई गैस की कमी होने की आशंका

मूडीज ने कहा कि लंबे समय तक व्यवधान से आने में दिनों में परिवारों के लिए खासकर रसोई गैस (एलपीजी) की कमी हो जाएगी। इसके अलावा ईंधन और परिवहन की लागत बढ़ेगी। ऐसे में जबकि भारत उर्वरकों के लिए आयात पर निर्भर है इसका प्रभाव खाद्य मुद्रास्फीति तक फैलेगा। यह क्षेत्र भारत के कच्चे तेल के आयात का लगभग 55 प्रतिशत और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा करता है। मूडीज ने कहा कि हालांकि, महंगाई अभी नियंत्रण में है, लेकिन भूराजनीतिक जोखिमों ने मुद्रास्फीति के परिदृश्य को ऊपर की ओर कर दिया है।

महंगाई तेजी से बढ़ेगी

मूडीज का अनुमान है कि 2026-27 में औसत मुद्रास्फीति 2025-26 के 2.4 प्रतिशत से बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो जाएगी। मूडीज का मानना है कि महंगाई का जोखिम फिर से बढ़ने और वृद्धि के मजबूत बने रहने के साथ 2026-27 में नीतिगत दर रेपो को या तो स्थिर रखा जाएगा या इसमें धीरे-धीरे वृद्धि की जाएगी। हालांकि, यह भूराजनीतिक तनाव की अवधि और इसके खाद्य एवं ईंधन की मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले असर पर निर्भर करेगा। मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक कि पश्चिम एशिया चल रहे सैन्य संघर्ष के भारत की अर्थव्यवस्था पर असर को देखते हुए हमारा अनुमान है कि 2026-27 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर छह प्रतिशत रहेगी। रेटिंग एजेंसी ने पहले इसके 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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