IMF On India Growth: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के ताजा अनुमान जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, देश की विकास दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जो जनवरी के अनुमान से 0.1 प्रतिशत अंक ज्यादा है।
हालांकि, IMF ने चेतावनी दी है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व में जारी अशांति का असर वैश्विक विकास दर पर पड़ सकता है। साथ ही, महंगाई में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। IMF के अनुसार, वित्त वर्ष 2028 में भी भारत की ग्रोथ 6.5 फीसदी पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
आईएमएफ के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में भारत का आर्थिक प्रदर्शन ‘बेहद मजबूत’ रहा, जिसे 7.6 प्रतिशत आंका गया है। यह रफ्तार आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत की विकास दर स्थिर
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और अस्थिरता के बावजूद भारत की विकास दर स्थिर बनी हुई है। आईएमएफ का अनुमान है कि 2026 में भारत की महंगाई दर बढ़कर 4.7 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। गौरींचस के अनुसार, इसके पीछे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल और 2026 की शुरुआत में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें मुख्य कारण हैं।
आरबीआई ने क्या कहा?
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 अप्रैल को भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर नया अनुमान जारी किया था। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी ग्रोथ को 7.4 फीसदी से बढ़ाकर 7.6 फीसदी कर दिया है। साथ ही, भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता भी जताई है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए RBI ने जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।
हाल के वर्षों में भारत ने मजबूत घरेलू मांग, बेहतर निवेश, नीतिगत स्थिरता और एक लचीले निजी क्षेत्र के दम पर अपनी तेज विकास दर बनाए रखी है। हालांकि, मध्य पूर्व संकट के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।
