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जंग के माहौल में बुलेट की रफ्तार में दौड़ रही भारत की अर्थव्यवस्था! IMF ने बढ़ाया इंंडिया का ग्रोथ रेट; बढ़ाकर किया 6.5%

IMF On India Growth: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान जताया है, जो पिछले अनुमान से थोड़ा ज्यादा है। हालांकि, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व संकट के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई पर असर पड़ने की आशंका है। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी ग्रोथ को लेकर सकारात्मक अनुमान जताया है।

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देश की विकास दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान: आईएमएफ

Photo : iStock

IMF On India Growth: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के ताजा अनुमान जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, देश की विकास दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जो जनवरी के अनुमान से 0.1 प्रतिशत अंक ज्यादा है।

हालांकि, IMF ने चेतावनी दी है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व में जारी अशांति का असर वैश्विक विकास दर पर पड़ सकता है। साथ ही, महंगाई में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। IMF के अनुसार, वित्त वर्ष 2028 में भी भारत की ग्रोथ 6.5 फीसदी पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

आईएमएफ के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में भारत का आर्थिक प्रदर्शन ‘बेहद मजबूत’ रहा, जिसे 7.6 प्रतिशत आंका गया है। यह रफ्तार आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत की विकास दर स्थिर

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और अस्थिरता के बावजूद भारत की विकास दर स्थिर बनी हुई है। आईएमएफ का अनुमान है कि 2026 में भारत की महंगाई दर बढ़कर 4.7 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। गौरींचस के अनुसार, इसके पीछे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल और 2026 की शुरुआत में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें मुख्य कारण हैं।

आरबीआई ने क्या कहा?

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 अप्रैल को भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर नया अनुमान जारी किया था। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी ग्रोथ को 7.4 फीसदी से बढ़ाकर 7.6 फीसदी कर दिया है। साथ ही, भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता भी जताई है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए RBI ने जीडीपी ग्रोथ 6.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

हाल के वर्षों में भारत ने मजबूत घरेलू मांग, बेहतर निवेश, नीतिगत स्थिरता और एक लचीले निजी क्षेत्र के दम पर अपनी तेज विकास दर बनाए रखी है। हालांकि, मध्य पूर्व संकट के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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