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रेंटल इनकम के लिए खरीद रहे हैं फ्लैट! साइज, लोकेशन समेत किन बातों का रखें खास ख्याल? जानें

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रेंटल इनकम

देश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के चलते किराये के घरों की मांग बढ़ी है। इसके चलते रेंट में काफी इजाफा हुआ है। मेट्रो सिटी और टियर टू और थ्री सिटी में रेंटल आय, कमाई का एक प्रमुख जरिया बन गया है। इसके चलते बहुत सारे लोग प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं। अगर आप भी रेंटल इनकम के लिए कोई फ्लैट या विला खरीद रहे हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखें। रियल्टी एक्सपर्ट का कहना है कि रेंटल से इनकम के लिए प्रॉपर्टी का साइज, लोकेशन, कनेक्टिविटी, डिमांड-सप्लाई और भविष्य में होने वाले डेवलपमेंट काफी मायने रखते हैं। आइए जानते हैं कि रेंटल इनकम वाली प्रॉपर्टी खरीदने में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?

इन बातों का रखें ख्याल

  • लोकेशन और कनेक्टिविटी: प्रॉपर्टी ऐसी जगह हो जहां जॉब्स, स्कूल्स, हॉस्पिटल्स और ट्रांसपोर्ट अच्छा हो।
  • प्रॉपर्टी का प्रकार: छोटे फ्लैट्स जैसे 1BHK या 2BHK रेंटल के लिए आइडियल माने जाते हैं, क्योंकि ये युवा प्रोफेशनल्स या स्टूडेंट्स को आकर्षित करते हैं। ल
  • मेंटेनेंस और कम ऑपरेटिंग खर्चे: प्रॉपर्टी टैक्स, सोसाइटी चार्जेस, इंश्योरेंस और रिपेयर का खर्च कम होने पर बेहतर रेंटल इनकम मिलता है।
  • प्रॉपर्टी की स्थिति: नई या अच्छी कंडीशन वाली प्रॉपर्टी ज्यादा किराया देती है।

रेडी टू मूव होन वाले प्रोजेक्ट में निवेश करें

अगर आप रेंटल इनकम के लिए फ्लैट खरीद रहे हैं तो ऐसी प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहिए जो रेडी टू मूव हो या फिर निर्माण पूरा होने वाला हो। इससे तत्काल आप किराए पर देकर प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम जनरेट कर सकते हैं।

रोजगार के पहलू

अगर आप रेंटल रिटर्न के लिए किसी ऐसी जगह प्रॉपर्टी खरीदते हैं जहां से इंडस्ट्रियल हब या फिर रोजगार के प्रमुख लोकेशन दूर हैं तो कोई फायदा नहीं होगा। रेंटल रिटर्न के लिए प्रॉपर्टी ऐसी जगह पर खरीदनी चाहिए जहां से लोग आसानी से नौकरी पर आ जा सकें। इससे रिटर्न भी अच्छा मिलेगा और रेंटल में भी इजाफा होगा।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

व्यक्ति जब किराए पर घर लेता है तो कनेक्टिविटी काफी अहम मसला होती है। कोई भी व्यक्ति ऐसी जगह पर घर लेना पसंद नहीं करता जहां सार्वजनिक परिवहन की सेवाएं मौजूद न हों। अगर आपने प्रॉपर्टी किसी दूरदराज के इलाके में खरीद ली है जहां से मुख्य शहर दूर है तो परिवहन सेवाएं होने के बा वजूद यहां किराए पर घर लेने में लोगों की दिलचस्पी नहीं होगी।

सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर

रेंटल रिटर्न के लिए प्रॉपर्टी खरीदने में तभी फायदा है जब आप किसी ऐसी जगह निवेश करते हैं जहां मार्केट, पार्क, स्कूल, अस्पताल जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हों। ऐसी जगह घर खरीदने में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी रफ्तार से इजाफा होगा साथ ही किराए से भी आपको अच्छी आय हो सकेगी। किराए पर घर लेने से पहले लोग इस बात पर भी गौर करते हैं कि आखिर इलाका कैसा है। कोई भी व्यक्ति ऐसे इलाके में घर लेना पसंद नहीं करता है जो अभी बसा न हो।

भविष्य में होने वाले डेवलपमेंट

आप जिस इलाके की रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी में निवेश करने की सोच रहे हैं उसमें भविष्य में आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में भी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए। संभव है कि, उस जगह की स्थानीय अथॉरिटी ने कुछ ऐसी परियोजनाओं को मंजूरी दी हो जिससे आपकी प्रॉपर्टी को नुकसान हो सकता है।

औसत किराया

रेंटल रिटर्न के लिए प्रॉपर्टी खरीदने से पहले आपको इलाके के औसत किराए के बारे में पता कर लेना चाहिए। अगर प्रॉपर्टी की लागत, टैक्स और मरम्मत आदि के खर्च के बाद आपको मामूली रिटर्न मिलता है तो ऐसी जगह में निवेश करने का कोई फायदा नहीं है।

छोटे साइज के फ्लैट खरीदें

किराया से अच्छी कमाई के लिए 1-2BHK फ्लैट्स खरीदें, जो 800-1200 sq ft के बीच में हों। छोटे साइज के फ्लैट की मांग सबसे अधिक होती है। इसके साथ अमेनिटीज जैसे जिम, पार्किंग और सिक्योरिटी की सुविधा हो। आपको आसानी से किराया 10-20% ज्यादा मिल सकता है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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