IEC 2025: वित्त मंत्री सीतारमण का बड़ा बयान- ‘ट्रेड न फेयर, न फ्री’, दुनियाभर में टैरिफ बना हथियार
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Dec 17, 2025, 07:04 PM IST
IEC 2025: वित्त मंत्री ने वैश्विक संकट और घरेलू वित्तीय मजबूती पर प्रकाश डालते हुए ग्लोबल अस्थिरता के बीच स्थिरता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक नेतृत्व की तारीफ की। सीतारमण ने कहा, "पीएम मोदी मजबूत वित्तीय प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
IEC 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को नई दिल्ली में इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव (IEC) 2025 में बोलते हुए टैरिफ के खतरे और जियोपॉलिटिकल गठजोड़ के बीच ग्लोबल ट्रेड व्यवस्था पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "ग्लोबली, अब यह बहुत साफ हो गया है कि व्यापार न तो निष्पक्ष है और न ही स्वतंत्र, है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को आर्थिक सुधारों के बजाय रणनीतिक हथियारों के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ग्लोबल ट्रेड वॉर के चलते दुनियाभर के देश परेशान हैं। खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ, जिसमें भारतीय एक्सपोर्ट पर असर डालने वाली ऊंची ड्यूटी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के लिए भारतीय सामानों पर 50% तक का भारी टैरिफ लगाया हुआ है।
दुनियाभर में टैरिफ बना हथियार
वित्त मंत्री ने कहा, "टैरिफ को दुनिया भर में हथियार बनाया गया है। भारत का इरादा कभी भी टैरिफ को हथियार बनाने का नहीं था। हमने अपने उद्योगों की रक्षा की है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली का तरीका हमेशा सोच-समझकर कदम उठाने का रहा है और इसका मकसद व्यापारिक साझेदारों पर दबाव डालने के बजाय घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और नौकरियों को बढ़ावा देना और सुरक्षा करना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया में तेजी से बदलते माहौल में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। सीतारमण ने कहा कि टैरिफ और दूसरे उपायों के जरिये ट्रेड को हथियार बनाया जा रहा है, और भारत को सावधानी से अपना रास्ता निकालना होगा। उन्होंने इशारा करते हुए कहा कि जैसे-जैसे ग्लोबल सप्लाई चेन ध्वस्त होंगे और आर्थिक राष्ट्रवाद बढ़ेगा, वैसे-वैसे कूटनीति और रणनीतिक बातचीत बहुत बहुत जरूरी हो जाएगा।
'वैश्विक ट्रेड में भारत कभी सिरमौर था'
टाइम्स नेटवर्क द्वारा आयोजित इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025 के 11वें एडिशन में बोलते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत की मौजूदा चुनौतियों को एक बड़े ऐतिहासिक उदाहरण देकर रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "एक समय था जब दुनिया के लगभग 25% व्यापार भारत से होता था। हमें उसी दौर में वापस लौटने का लक्ष्य रखना चाहिए।" उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक मुश्किलों के बावजूद ग्लोबल बिजनेस में भारत की हिस्सेदारी बढ़े, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। निर्यातकों को बेहतर सुविधा और अवसर दिलाने के लिए सरकार द्वारा उठा जा रहे कदमों की जानकारी भी दी।
पीएम मोदी के विजन की तारीफ की
वित्त मंत्री ने बाहरी संकट और घरेलू वित्तीय मजबूती पर प्रकाश डालते हुए ग्लोबल अस्थिरता के बीच स्थिरता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक नेतृत्व की तारीफ की। सीतारमण ने कहा, "पीएम मोदी मजबूत वित्तीय प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं। केंद्र सरकार ने बजट बनाने में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं, जिससे ऐसी जवाबदेही सुनिश्चित होती है जो सभी को दिखाई देती है।"
जॉब और GDP ग्रोथ के लिए टैक्स कटौती जरूरी
वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर का R&D अर्थव्यवस्था में वैल्यू एडिशन करता है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष की तरफ से आरोप लगाया जाता है कि 2019 में कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के बावजूद, प्राइवेट सेक्टर ने क्षमता विस्तार नहीं किया है और वे बिना नया निवेश किए मुनाफा कमा रहे हैं। यह एक गलत आलोचना है। देश में बिजनेस बढ़ाने के लिए टैक्स कटौती जरूरी थी।
प्रधानमंत्री मोदी रोजगार सृजन और GDP ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कॉरपोरेट कंपनियों के समर्थन पर जोर देते हैं। सवाल पूछे जा रहे हैं कि प्राइवेट सेक्टर ज्यादा निवेश क्यों नहीं कर सकते, लेकिन इसमें अंतिम निर्णय उनका ही होगा। GCC और डेटा सेंटर रोजगार बढ़ाते हैं, जिसके लिए एनर्जी सिक्योरिटी की जरूरत है - इसलिए न्यूक्लियर बिल को मंजूरी, पंप स्टोरेज, हाइड्रो, सोलर, विंड के साथ क्लीन एनर्जी के तौर पर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर जैसे क्षेत्रों को हम समर्थन करेंगे।
दो दिवसीय कॉन्क्लेव में जुटेंगे दिग्गज
इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025 के दो दिवसीय कॉन्क्लेव में सरकार के पॉलिसी बनाने वाले, इंडस्ट्री लीडर्स और ग्लोबल एक्सपर्ट्स जुटेंगें और अपने विचार रखेंगे। वे बताएंगे कि कैसे भारत ग्लोबल जियोइकोनॉमिक ऑर्डर को कैसे नया आकार दे रहा है। बताते चलें कि IEC के दो-दिवसीय कार्यक्रम में 40 से ज्यादा सेशन होंगे, जिसमें केंद्रीय मंत्री, नीति निर्माता, न्यायपालिका के सदस्य, अर्थशास्त्री, टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज, रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, निवेशक और उद्योग जगत के अग्रणी लोग शामिल होंगे। इस कॉन्क्लेव में चर्चा होगी कि भारत तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में कैसे आगे बढ़ सकता है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी जगह बना सकता है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।