UPSC Civil Services। IAS Coaching Industry लगातार ग्रोथ कर रही है। SME कैटेगरी की ऐसी ही एक कंपनी Drishti IAS ने बुधवार को अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY 25) के वार्षिक नतीजों में बताया है कि कुल रेवेन्यू 364 करोड़ रुपये का रहा है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) करीब 61 करोड़ रुपये रहा है। इस तरह अगर इस रेवेन्यू और प्रॉफिट को पूरे साल में डिवाइड किया जाए, तो कंपनी ने हर दिन 99.72 लाख यानी करीब 1 करोड़ रुपये प्रतिदिन कमाए, जिसमें से 16.57 लाख रुपये प्रतिदिन का मुनाफा रहा।
सालाना आधार पर घटी कमाई
देश में कोचिंग इंडस्ट्री का बाजार करीब 60 हजार करोड़ रुपये का है। यह बाजार 16% CAGR के साथ बढ़ रहा है। Drishti IAS की तरफ से जारी फाइनेंशियल नतीजों के मुताबिक कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट सालाना आधार पर घटा है। कंपने ने FY 24 में 405 करोड़ रुपये का रेवेन्यू रिपार्ट किया था। रेवेन्यू के साथ ही कंपनी के EBITDA में भी कमी आई है। यह 127 करोड़ रुपये से घटकर 77 करोड़ रुपये रह गया है। वहीं, PAT 90 करोड़ से घटकर 61 करोड़ रुपये रह गया है।
क्यों घटी कमाई और मुनाफा?
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स के साथ जारी स्टेटमेंट में बताया है कि नतीजों में कमजोरी के पीछे असल में कई वजह हैं। कंपनी के मुताबिक FY25 में रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई गिरावट को पोस्ट-कोविड दौर के बाद सेक्टर में आई नॉर्मलाइजेशन के तौर पर देखा जाना चाहिए। कोविड के बाद ऑफलाइन क्लासरूम एडमिशन में जो तेज उछाल आया था, वह अब स्थिर हो चुका है। इसके अलावा दिल्ली के मुखर्जी नगर से नोएडा में शिफ्ट होने के कारण कंपनी को करीब 30 करोड़ रुपये के रेवेन्यू लॉस का भी सामना करना पड़ा था।
हाइब्रिड मॉडल पर बड़ा दांव
FY25 में Drishti IAS की लगभग एक-तिहाई कमाई ऑनलाइन से और दो-तिहाई ऑफलाइन सेंटर्स से आई। कंपनी को उम्मीद है कि अगले दो साल में यह रेशियो 50:50 के करीब पहुंच सकता है। FY26 में रांची और पटना में नए ऑफलाइन सेंटर्स खोले गए हैं, जबकि ऑनलाइन सेगमेंट में कम फीस वाले स्टूडियो-बेस्ड प्रोग्राम्स लॉन्च किए गए हैं।
IPO की तैयारी और आगे का प्लान
सोशल मीडिया पर मशहूर विकास दिव्यकीर्ति की कंपनी अब IPO की तैयारी में जुटी है। इसके लिए कंपनी ने नए CFO की नियुक्ति की है। इसके साथ ही नए ERP सिस्टम, BI टूल्स और कंप्लायंस मजबूत करने पर फोकस बढ़ाया है। इसके साथ ही UPSC के अलावा ज्यूडिशियरी, टीचिंग एग्जाम्स, SSC और आगे चलकर बैंकिंग, डिफेंस और स्कूल एजुकेशन जैसे सेगमेंट्स में एंट्री की योजना है।
