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AI के इस दौर में अपनी नौकरी कैसे बचाएं? टेक वर्ल्ड के दिग्गजों ने दिए ये मंत्र

संपर्क के संस्थापक विनीत नायर ने कहा कि AI के कारण लगभग 50 प्रतिशत नौकरियां खत्म होंगी, लेकिन उतनी ही नई नौकरियां उत्पन्न भी होंगी, जिनके लिए कुशल मानव संसाधन की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि एआई हमें खुद को फिर से प्रशिक्षित करने का अवसर देता है लेकिन अलग-अलग पेशों में किन कौशलों की जरूरत होगी, यह हमें खुद तय करना होगा।

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नौकरियों पर एआई का असर (AI Generated)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के चलते दुनियाभर में लाखों नौकरियां खत्म होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। AI के कारण अलग-अलग सेक्टर पर पड़ने वाले असर का आकलन चल रहा है। इससे दुनियाभर के पेशेवरों के बीच डर का माहौल है। इन सब के बीच AI से नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच टेक दिग्गजों ने कर्मचारियों को साफ संदेश दिया है कि 'शांत रहें और अपने कौशल को लगातार बढ़ाएं।’ उन्होंने कहा कि एआई की लहर के साथ बने रहने के लिए ताउम्र सीखते रहने की क्षमता जरूरी है और अगले तीन से पांच वर्ष में एआई के और विकसित होने के साथ कार्यबल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

नौकरियां जाएंगी तो नई पैदा भी होंगी

’एआई के दौर में रोजगार का भविष्य’ विषय पर आयोजित सत्र में उद्योग जगत के लोगों ने माना कि कुछ मौजूदा नौकरियां अप्रासंगिक हो सकती हैं, लेकिन कृत्रिम मेधा नई रोजगार संभावनाएं भी उत्पन्न करेगी और कर्मचारियों को यह पहचानना होगा कि वे किन कौशलों को निखार सकते है। ’इन्फो एज’ (जिसके अंतर्गत नौकरी डॉट कॉम आता है) के संस्थापक संजीव बिखचंदानी ने बैंकों में कंप्यूटर आने के समय का उदाहरण देते हुए कहा कि तब किसी की नौकरी नहीं गई, बल्कि उत्पादकता बढ़ गई। एआई अपनाने से नौकरियां जाने के सवाल पर बिखचंदानी ने युवाओं से कहा कि चिंता मत करें। यह सोचें कि आप ऐसा क्या करें ताकि एआई, आपकी नौकरी न छीने बल्कि आपको नौकरी दिलाने में मदद करे।उन्होंने युवाओं को उपयोगी एआई उपकरण सीखने की सलाह दी।

एआई आ चुका है और यह रुकने वाला नहीं

उन्होंने कहा कि एआई आ चुका है और यह रुकने वाला नहीं है। अगर आप एआई का इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो आपके लिए एआई का रास्ता बंद हो जाएगा। अगले तीन महीनों में कम से कम तीन एआई मंचों का इस्तेमाल सीखने का लक्ष्य तय रखें। जितना ज्यादा आप सीखेंगे, आपकी नौकरी उतनी ही सुरक्षित रहेगी। प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गजों ने पेशेवरों को एआई उपकरणों को अपनाने और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप खुद को ढालने की सलाह दी, ताकि बदलते रोजगार बाजार में प्रासंगिक बने रह सकें।

AI से निपटने का मूल मंत्र 'ताउम्र सीखने की क्षमता'

इन्फोसिस की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई ’एजवर्व’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश सीतारमैया ने कहा कि एआई, क्षमता को तेजी से बढ़ाने वाला माध्यम बनेगा और ताउम्र सीखने की क्षमता ही एआई की लहर से निपटने का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि एआई से कारोबार की उत्पादकता बढ़ी है लेकिन अंततः काम की जिम्मेदारी लेने के लिए इंसान जरूरी रहेगा। इसलिए नौकरियां कहीं नहीं जा रहीं, बल्कि नौकरियों की प्रकृति बदल रही है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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