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Demat और Trading अकाउंट चार्जेस में कैसे बचें, यहां जानें आसान ट्रिक

Demat And Trading Account Charges: जब आप शेयर बाजार में निवेश शुरू करते हैं, तो आपको डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत होती है। ये अकाउंट शेयर खरीदने, बेचने और सुरक्षित रखने के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन इन अकाउंट्स के साथ कई तरह के चार्जेज भी जुड़े होते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है क्योंकि ये आपके निवेश के रिटर्न पर असर डाल सकते हैं। आइए जानते हैं इन्हें बचाने के तरीके।

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कैसे बचाएं Demat और Trading अकाउंट चार्जेज (तस्वीर-istock)

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Demat And Trading Account Charges : निवेश की शुरुआत करने के लिए जरूरी है कि आप अपना डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाएं। ये अकाउंट शेयर बाजार में शेयर खरीदने, बेचने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन इन अकाउंट्स के साथ कुछ तरह के चार्जेज भी जुड़े होते हैं, जिनके बारे में जानना बहुत जरूरी है क्योंकि ये आपके निवेश के रिटर्न पर असर डाल सकते हैं। डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के चार्जेज क्या होते हैं? और उन्हें बनाने के तरीके जानें।

अकाउंट खोलने के चार्जेज

जब आप किसी ब्रोकरेज या बैंक से डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलते हैं तो कुछ जगहों पर अकाउंट खोलने के लिए फीस ले जाती है। यह फीस ₹0 से ₹1,000 तक हो सकती है। कई ब्रोकर्स फ्री अकाउंट खोलने की सुविधा भी देते हैं। चार्जेज बचाने के लिए फ्री अकाउंट खोलने वाले ब्रोकर्स को चुनें या किसी प्रमोशनल ऑफर का फायदा उठाएं।

वार्षिक रख-रखाव शुल्क (AMC)

डिमैट अकाउंट को एक्टिव रखने और आपके शेयरों की देखभाल के लिए हर साल AMC देना पड़ता है। यह ₹200 से ₹800 के बीच हो सकता है। इस बचाने के लिए कुछ ब्रोकर्स नियमित ट्रेडिंग करने वालों से वार्षिक रख-रखाव शुल्क (AMC) माफ करते हैं। ऐसे ब्रोकर्स चुनें।

लेन-देन चार्ज

शेयर खरीदने या बेचने पर हर ट्रेड के लिए चार्ज (Transaction Charges) लगते हैं। यह ₹20 से ₹50 प्रति ट्रेड या ट्रेड की कीमत का 0.1% से 0.5% तक हो सकता है। इसे बचाने के लिए अगर आप बार-बार ट्रेड करते हैं तो फ्लैट-फीस ब्रोकरेज प्लान लें। उच्च मात्रा में ट्रेडिंग करने पर डिस्काउंट मिलने वाले ब्रोकर्स चुनें। डिलीवरी ट्रेड पर कोई कमिशन नहीं लेने वाले ब्रोकर्स को देखें।

ब्रोकरेज चार्ज

यह ब्रोकर्स को फीस होती है जो वे आपके ट्रेड को प्रोसेस करने के लिए लेते हैं। यह कुल ट्रेड वैल्यू का 0.1% से 0.5% तक हो सकता है। इसे बचाने के लिए डिस्काउंट ब्रोकर्स चुनें, जो कम ब्रोकरेज लेते हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए कम ब्रोकरेज वाले ब्रोकर्स देखें। अपने ट्रेडिंग स्टाइल के हिसाब से ब्रोकरेज प्लान चुनें।

जीएसटी

ब्रोकरेज और ट्रांजैक्शन चार्जेज पर 18% जीएसटी (Goods and Services Tax) यानी GST भी लगता है, जिसे आप बचा नहीं सकते।

डिपॉजिटरी ट्रांजैक्शन चार्ज

डिपॉजिटरी ट्रांजैक्शन चार्ज: शेयर ट्रांसफर करते वक्त ₹10 से ₹25 प्रति ट्रांसफर चार्ज हो सकता है। इसे बचाने के लिए शेयर एक ही डिमैट अकाउंट में रखें और ट्रांसफर कम करें।

कस्टोडियन फीस

कुछ ब्रोकर्स वार्षिक कस्टोडियन फीस ₹100 से ₹500 तक लेते हैं। इसे बचाने के लिए कस्टोडियन फीस न लेने वाले ब्रोकर्स को चुनें।

डिमेटरियलाइजेशन चार्ज

फिजिकल शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में बदलने पर ₹10 से ₹30 प्रति सर्टिफिकेट शुल्क। इसे बचाने के लिए मुफ्त या कम शुल्क वाले ब्रोकर्स का चयन करें।

पेनल्टी चार्ज

मिनिमम बैलेंस न रखने या नियमों का उल्लंघन करने पर ₹50 से ₹500 तक का जुर्माना लगता है। इस बचाने के लिए अपने अकाउंट की शर्तों का पालन करें।

बचत के टिप्स

डिस्काउंट ब्रोकर्स चुनें। प्रमोशनल ऑफर्स का लाभ उठाएं। ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करें। सही ब्रोकरेज प्लान चुनें। ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड रखें और जरूरत से ज्यादा ट्रेडिंग से बचें। निवेश के समय सही जानकारी और सही ब्रोकरेज का चुनाव करने से आप अपने निवेश के खर्च को कम कर सकते हैं और बेहतर रिटर्न पा सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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