पब्लिक प्रोविडेंट फंड (तस्वीर-istock)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक सरकारी गारंटी वाला निवेश विकल्प है, जो निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न प्रदान करता है। भारत सरकार द्वारा ब्याज की गारंटी होने के कारण यह एक भरोसेमंद निवेश योजना मानी जाती है। PPF खाता केवल एक व्यक्ति के नाम पर ही खोला जा सकता है। इसके साथ ही यह योजना Exempt-Exempt-Exempt (EEE) टैक्स स्टेटस का लाभ देती है यानी निवेश की गई राशि, अर्जित ब्याज, और परिपक्वता (maturity) पर प्राप्त पूरी रकम तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता।
PPF एक दीर्घकालिक (long-term) बचत योजना है, जिसका उद्देश्य नियमित बचत को प्रोत्साहित करना और रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित फंड तैयार करना है। इसकी न्यूनतम अवधि 15 वर्ष होती है, जिसके बाद इसे 5-5 वर्ष के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।
इसमें गारंटीड रिटर्न मिलता है। किसी भी व्यक्ति नौकरीपेशा या स्व-रोजगार (self-employed) के लिए उपलब्ध है। माता-पिता/अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर खाता खोल सकते हैं।
खाता खोलने के 5 साल पूरे होने के बाद हर साल एक बार निकासी की जा सकती है। 5 साल की गिनती खाते के खुलने वाले वर्ष को शामिल करती है। उदाहरण: अगर आपने 2024-25 में खाता खोला है, तो आप 2030-31 में पहली निकासी कर सकते हैं।
आप 4वें पूर्ववर्ती वर्ष या पिछले वर्ष के अंत में बैलेंस का 50%, जो भी कम हो, निकाल सकते हैं। उदाहरण के लिए आप 2024-25 में निकालना चाहते हैं, तो 31 मार्च 2023 या 31 मार्च 2024 के बैलेंस में से जो कम है, उसका 50% तक निकाल सकते हैं।
15 साल पूरे होने पर आप खाते को बिना नए निवेश के जारी रख सकते हैं या हर साल निवेश जारी रख सकते हैं (5-5 साल के एक्सटेंशन ब्लॉक में)।
अगर आप हर साल ₹1.5 लाख का निवेश नियमित रूप से करते रहें और खाते को 15 साल बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाते रहें, तो करीब 33 साल में आपका ऐसा फंड तैयार हो जाएगा जिससे आपको ₹16 लाख/साल की टैक्स-फ्री ब्याज आय मिलेगी।
| अवधि (साल) | कुल निवेश (₹) | ब्याज (₹) | अनुमानित फंड (₹) |
| 15 वर्ष | 22,50,000 | 18,18,209 | 40,68,209 |
| 20 वर्ष | 30,00,000 | 36,58,288 | 66,58,288 |
| 25 वर्ष | 37,50,000 | 65,58,015 | 1,03,08,015 |
| 30 वर्ष | 45,00,000 | 1,09,50,911 | 1,54,50,911 |
| 33 वर्ष | 49,50,000 | 1,45,48,127 | 1,94,98,127 |
जब आपका फंड करीब ₹1.95 करोड़ का हो जाएगा, तो आप खाते को बढ़ाकर हर साल केवल ब्याज की राशि निकाल सकते हैं। यह ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा।
अगर ब्याज दर 7.1% बनी रहती है, तो वार्षिक ब्याज = ₹16,24,843, यानी मासिक टैक्स-फ्री आय = ₹1,15,363 होगी।