EPF Withdrawal TDS Rules: कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) को कर्मचारियों की लंबी अवधि की बचत का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है। हालांकि कई लोग नौकरी बदलने, आर्थिक जरूरत या अन्य कारणों से समय से पहले ईपीएफ की राशि निकाल लेते हैं। ऐसे मामलों में कई बार टीडीएस लागू हो जाता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ईपीएफ निकासी पर टीडीएस कब कटता है और किन नियमों का पालन कर इससे बचा जा सकता है।
कब कटता है टीडीएस
अगर कोई कर्मचारी लगातार 5 साल की सेवा पूरी करने से पहले अपने ईपीएफ खाते से 50 हजार रुपये या उससे अधिक की राशि निकालता है तो उस पर टीडीएस कट सकता है। अगर कर्मचारी ने अपना पैन नंबर जमा किया हुआ है तो 10 प्रतिशत की दर से टीडीएस काटा जाएगा।
कब नहीं कटता टीडीएस
लगातार 5 साल की सेवा पूरी होने के बाद ईपीएफ निकासी पर टीडीएस नहीं काटा जाता। इसमें अलग-अलग कंपनियों में की गई नौकरी की अवधि भी जोड़ी जा सकती है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि कर्मचारी अपने पुराने पीएफ खाते को नए खाते में ट्रांसफर करवाए।
टीडीएस कटने से कैसे बचें
अगर कोई कर्मचारी नौकरी बदलने के बाद अपनी पीएफ राशि निकालने की बजाय उसे नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर कर देता है, तो उसकी सेवा अवधि लगातार मानी जाती है। इससे भविष्य में 5 साल का नियम पूरा करने में आसानी होती है और टीडीएस से बचा जा सकता है।
कैसे मिल सकती है टीडीएस से छूट
जिन कर्मचारियों की कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, वे ‘फॉर्म 121’ जमा कर टीडीएस कटने से बच सकते हैं। इस फॉर्म के जरिए कर्मचारी यह घोषणा करता है कि उसकी कुल आय कर योग्य सीमा से नीचे है। इसके अलावा, व्यक्ति को कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इनमें घोषणा करने वाले व्यक्ति का पैन नंबर, भुगतान करने वाले का टीएएन नंबर, उम्र का प्रमाण, उस आय या निवेश की जानकारी जिस पर टीडीएस नहीं कटना चाहिए और ब्याज वाली योजनाओं के लिए बैंक खाते की जानकारी शामिल है।
अगर पैन अपडेट नहीं है या गलत जानकारी दर्ज है, तो ज्यादा दर से टीडीएस कट सकता है। इसलिए ईपीएफ खाते में पैन और अन्य जरूरी जानकारी सही रखना महत्वपूर्ण माना गया है।
