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Post Office की जीरो रिस्क वाली धांसू सरकारी स्कीम! सुरक्षित निवेश के साथ हर महीने होगी गारंटीड मोटी कमाई

अगर आप भी पोस्ट ऑफिस की स्कीम से कमाई करना चाहते हैं तो SCSS आपके काम की साबित हो सकती है। समें निवेश किया गया एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

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Post Office SCSS

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिज़ाइन की गई एक विशेष बचत योजना है। चूंकि यह योजना सीधे भारत सरकार के अंतर्गत आती है, इसलिए इसमें किसी भी तरह का वित्तीय जोखिम या मार्केट रिस्क नहीं होता। इसमें निवेश किया गया एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि (Maturity Period) 5 साल की होती है, लेकिन अगर निवेशक चाहे तो इसे मैच्योरिटी के बाद आगे 3 साल के लिए और बढ़ा सकता है। यह योजना उन लोगों के लिए वरदान की तरह है जो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फंड (जैसे पीएफ या ग्रेच्युटी) को एक जगह एकमुश्त जमा करके एक निश्चित और नियमित आय पाना चाहते हैं।

धमाकेदार ब्याज दर और तिमाही कमाई का मौका

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इस पर मिलने वाला शानदार ब्याज है। वर्तमान में पोस्ट ऑफिस (Post office) इस योजना पर 8.2 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज दे रहा है, जो अधिकांश बड़े बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से कहीं ज़्यादा है। इस योजना का सबसे खूबसूरत नियम यह है कि ब्याज का भुगतान सालाना न होकर हर तीन महीने (Quarterly) में सीधे निवेशक के बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि आपको साल में चार बार अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की पहली तारीख को गारंटीड कमाई का पैसा मिल जाता है, जिससे बुजुर्ग अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों, दवाइयों के खर्च और घरेलू खर्चों को बिना किसी पर निर्भर रहे आसानी से पूरा कर सकते हैं।

अधिकतम निवेश सीमा और टैक्स में भारी छूट

सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस योजना में अधिकतम निवेश की सीमा को बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है। आप इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से लेकर अधिकतम 30 लाख रुपये तक एकमुश्त (Lump Sum) जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, SCSS स्कीम टैक्स बचाने के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद है। इस योजना में निवेश करने पर आपको आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के तहत प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अगर आपकी तिमाही ब्याज आय एक निश्चित सीमा से अधिक होती है, तो उस पर नियमानुसार टीडीएस (TDS) काटा जा सकता है।

किसे और कैसे मिलता है इस योजना का लाभ?

इस योजना में खाता खुलवाना बेहद आसान है। कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है, अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में जाकर SCSS खाता खोल सकता है। जिन लोगों ने 55 से 60 वर्ष की आयु के बीच वीआरएस (VRS यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ली है, वे भी रिटायरमेंट बेनिफिट्स मिलने के 1 महीने के भीतर इस योजना में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, रक्षा सेवाओं से रिटायर हुए कर्मचारी 50 वर्ष की आयु के बाद भी कुछ शर्तों के साथ इस खाते को खोल सकते हैं। इस योजना में पति और पत्नी मिलकर एक संयुक्त खाता (Joint Account) भी खोल सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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