अक्सर आपने सुना होगा लोग अपना सोना या सोने की ज्वेलरी को सेफ रखने के लिए बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई ऐसे बैंक लॉकर के नियम हैं जो आम जनता को शायद ही पता हो. दरअसल, बैंक लॉकर में रखा सोना सिर्फ तब तक सेफ है जब तक बैंक डूबता या कोई आपदा नहीं आती. बैंक लॉकर में सोना रखने की बजाये आप इसे कई दूसरे विकल्पों की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं जहां आपको आपका सोना कमाई भी कराएगा।
बैंक लॉकर में सोना रखने का फायदा
घर में रखा सोना हमेशा चोरी या दुर्घटना का रिस्क लेकर आता है। ऐसे में बैंक लॉकर आपको ज्यादा सुरक्षित विकल्प देता है। लॉकर की सिक्योरिटी बैंक की ज़िम्मेदारी होती है और ग्राहक को मन की शांति मिलती है।
लेकिन रिटर्न का फायदा नहीं
एक गलतफहमी बहुत लोगों के बीच है कई लोग सोचते हैं कि बैंक लॉकर में रखा सोना ब्याज या रिटर्न देगा। सच ये है कि बैंक सिर्फ लॉकर सुविधा देता है, उस सोने पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलता। यानी सोना लॉकर में रखा हो या घर पर, उसकी वैल्यू बढ़ेगी तो सिर्फ मार्केट प्राइस की वजह से, न कि बैंक की तरफ से।
आप कैसे कमाई कर सकते हैं?
अगर आप अपने सोने से कमाई करना चाहते हैं और इसे सेफ रखना चाहते हैं तो आपको गोल्ड OD का इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें बैंक आपके सोने की ज्वेलरी का पूरा इंश्योरेंस कराते हैं और आपको कोई भी मुसीबत आने पर पूरा पैसा वापस करते हैं। OD के बदले आप बैंक से पैसे भी ले सकते हैं। इससे आपका सोना भी सेफ रहेगा और आपको पैसे भी मिलते रहेंगे।
सोना गायब हुआ तो क्या होगा?
मान लीजिए आपका सोना बैंक लॉकर से चोरी हो जाए या किसी वजह से नुकसान हो, तो रिकवरी का नियम RBI ने तय किया है। बैंक सीधे-सीधे आपके सोने की पूरी वैल्यू वापस नहीं करता। उसकी जिम्मेदारी सिर्फ तय सीमा तक होती है। दरअसल, बैंक लॉकर एग्रीमेंट में लिखा होता है कि बैंक आपके लॉकर के कंटेंट को लेकर पूरी गारंटी नहीं देता। हालांकि हाल ही में आए RBI के नियमों के मुताबिक, बैंक अगर अपनी लापरवाही की वजह से नुकसान पहुंचाता है तो उसे ग्राहक को मुआवजा देना होगा। बैंक आपको लॉकर की सालाना फीस का 100 गुना मुआवजा ही देगा फिर चाहें आपने लाकर में करोड़ों का सामान ही क्यों न रखा हो।
आधे इंडिया को नहीं पता ये नियम
सर्वे बताते हैं कि आधे से ज्यादा लोगों को ये बेसिक बातें पता ही नहीं हैं। उन्हें लगता है कि बैंक लॉकर में रखा सोना पूरी तरह से बैंक की जिम्मेदारी है और चोरी होने पर पूरा मुआवजा मिलेगा। लेकिन सच्चाई ये है कि बैंक सिर्फ आंशिक रूप से ही जिम्मेदार होता है।
