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कहीं आप भी तो नहीं हैं 'पैन फ्रॉड' के शिकार? बिना लोन लिए गिर रहा है क्रेडिट स्कोर, ऐसे हो रहा है खेल

बिना लोन लिए भी क्या आपका क्रेडिट स्कोर गिर रहा है? जालसाज आपके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर फर्जी लोन ले रहे हैं। अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को नियमित चेक करें और जानें कि कैसे आप इस 'पैन फ्रॉड' से बच सकते हैं।

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Pan Card Fraud

आज के डिजिटल दौर में आपकी पहचान से जुड़े दस्तावेज जितने जरुरी हैं, उतने ही जोखिम भरे भी हैं। हाल के दिनों में भारत में एक ऐसा फ्रॉड तेजी से बढ़ा है जिसने आम आदमी की रातों की नींद उड़ा दी है। लोग तब हैरान रह जाते हैं जब वे अपना 'क्रेडिट स्कोर' (CIBIL Score) चेक करते हैं और पाते हैं कि उनके नाम पर कोई ऐसा लोन चल रहा है जो उन्होंने कभी लिया ही नहीं। यह सब आपके पैन कार्ड (PAN Card) के गलत इस्तेमाल की वजह से हो रहा है। जालसाज आपके पैन नंबर का इस्तेमाल करके छोटे-छोटे 'इंस्टेंट लोन' ले रहे हैं और उसकी ईएमआई (EMI) न चुकाने पर आपका क्रेडिट स्कोर बुरी तरह गिर जाता है।

कैसे होता है पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल?

जालसाज आमतौर पर असुरक्षित (Unsecured) लोन देने वाले ऐप्स और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया बहुत सरल होती है और केवल पैन कार्ड की फोटो या नंबर से लोन मिल जाता है, इसलिए अपराधी किसी और के पैन नंबर का इस्तेमाल कर आसानी से पैसा हड़प लेते हैं। उन्हें पैसा मिल जाता है, लेकिन तकनीकी रूप से वह कर्ज आपके नाम पर दर्ज हो जाता है। जब वह लोन समय पर नहीं चुकाया जाता, तो क्रेडिट ब्यूरो इसे आपकी डिफॉल्ट लिस्ट में डाल देता है और आपका सिबिल स्कोर नीचे गिर जाता है।

क्रेडिट स्कोर होता है खराब?

क्रेडिट स्कोर खराब होने के गंभीर परिणाम क्रेडिट स्कोर कम होने का मतलब है कि भविष्य में आपको बैंक से किसी भी तरह का लोन (होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन) मिलने में भारी परेशानी होगी। यहां तक कि अगर लोन मिल भी जाए, तो बैंक आपसे बहुत ज्यादा ब्याज दर वसूल सकता है। कई बार लोगों को इस फ्रॉड का पता तब चलता है जब वे खुद किसी बड़े लोन के लिए आवेदन करते हैं और बैंक उनकी एप्लीकेशन रिजेक्ट कर देता है। तब तक काफी देर हो चुकी होती है और उस फर्जी लोन का रिकॉर्ड आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री को दागदार बना चुका होता है।

Fraud loan Scam

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कैसे पता करें कि आपके पैन पर फ्रॉड हुआ है?

इस खेल को पकड़ने का सबसे आसान तरीका है अपनी 'क्रेडिट रिपोर्ट' (Credit Report) की नियमित जांच करना। आरबीआई (RBI) के नियमों के अनुसार, हर व्यक्ति साल में एक बार मुफ्त में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देख सकता है। आप CIBIL, Experian, Equifax या CRIF High Mark जैसे ब्यूरो की वेबसाइट पर जाकर चेक करें कि 'Active Loans' सेक्शन में कोई अनजान लोन तो नहीं दिख रहा। इसके अलावा, आजकल कई फिनटेक ऐप्स मुफ्त में सिबिल स्कोर चेक करने की सुविधा देते हैं, जहां आप अपने नाम पर दर्ज हर एक लोन की बारीकी से जांच कर सकते हैं।

धोखाधड़ी होने पर क्या करें?

अगर आपको पता चलता है कि आपके पैन कार्ड पर कोई फर्जी लोन लिया गया है, तो तुरंत उस बैंक या फाइनेंशियल संस्थान से संपर्क करें जिसने वह लोन जारी किया है। उन्हें आधिकारिक तौर पर मेल लिखें और बताएं कि आपने यह लोन नहीं लिया है। इसके साथ ही, आप आयकर विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (TIN-NSDL) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL) की वेबसाइट पर 'Dispute' सेक्शन में जाकर भी उस फर्जी ट्रांजैक्शन को चुनौती दी जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर इसकी शिकायत जरूर करें ताकि पुलिस रिकॉर्ड में यह मामला दर्ज रहे।

बचाव ही सबसे बड़ा समाधान है पैन कार्ड फ्रॉड से बचने के लिए अपने दस्तावेजों को सुरक्षित रखें। अपना पैन कार्ड नंबर हर जगह साझा न करें, खासकर उन वेबसाइटों या ऐप्स पर जो भरोसेमंद नहीं हैं। अपनी फोटोकॉपी पर हमेशा 'Purpose' लिखें और साइन करें ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके। साथ ही, अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को हर 3-4 महीने में कम से कम एक बार जरूर चेक करें। डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही आपकी वित्तीय साख (Financial Reputation) को सुरक्षित रख सकती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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