आज के दौर में बचत करना ही काफी नहीं है, बल्कि उस बचत को सही जगह निवेश करना भी जरूरी है ताकि वह महंगाई को मात दे सके। निवेश के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) का 'सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान' यानी SIP। एसआईपी उन लोगों के लिए एक वरदान की तरह है जो एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते, लेकिन हर महीने एक छोटा हिस्सा बचाकर भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं। अगर आप हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी (SIP) शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना दिलचस्प होगा कि महज 5 साल में यह निवेश आपके लिए कितनी बड़ी रकम तैयार कर सकता है।
5 साल में कितना मिलेगा रिटर्न?
म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई निश्चित गारंटी तो नहीं होती, क्योंकि यह पूरी तरह से बाजार के जोखिमों पर निर्भर करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड ने औसतन 12% से 15% तक का वार्षिक रिटर्न दिया है। अगर आप हर महीने 10,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो 5 साल (60 महीने) में आपकी कुल जमा राशि 6,00,000 रुपये होगी। अब, अगर इस पर हम औसतन 12% का वार्षिक रिटर्न मानकर चलें, तो 5 साल बाद आपकी कुल वैल्यू लगभग 8.25 लाख रुपये हो सकती है। वहीं, अगर फंड का प्रदर्शन बेहतर रहता है और रिटर्न 15% मिलता है, तो यह राशि बढ़कर करीब 9 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
कम्पाउंडिंग की पावर
एसआईपी का असली जादू 'कंपाउंडिंग' में छिपा है। 5 साल की अवधि मध्यम अवधि (Medium Term) मानी जाती है। इसमें आपको अपने मूल निवेश पर जो ब्याज मिलता है, उस ब्याज पर भी ब्याज मिलना शुरू हो जाता है। शुरुआत में यह अंतर छोटा लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, कंपाउंडिंग का असर आपके फंड को तेजी से बढ़ाता है। हालांकि, 5 साल में कंपाउंडिंग का पूरा लाभ लेने के लिए जरूरी है कि आप बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर अपनी एसआईपी बीच में बंद न करें। 'अनुशासन' ही निवेश में सफलता की कुंजी है।
बाजार के उतार-चढ़ाव और अनुशासन
शेयर बाजार कभी भी एक सीधी रेखा में ऊपर नहीं जाता। 5 साल की अवधि के दौरान ऐसा भी समय आ सकता है जब आपका पोर्टफोलियो 'लाल निशान' में दिखे या रिटर्न उम्मीद से कम हो। इसे 'रुपया कॉस्ट एवरेजिंग' (Rupee Cost Averaging) का लाभ उठाने का मौका समझें। जब बाजार गिरता है, तो आपकी उसी 10,000 रुपये की एसआईपी में आपको ज्यादा 'यूनिट्स' मिलती हैं, जो बाजार चढ़ने पर आपके रिटर्न को कई गुना बढ़ा देती हैं। इसलिए, अगर आप 5 साल का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, तो गिरावट के समय घबराने के बजाय निवेश जारी रखना ही सबसे बेहतर रणनीति है।
सही फंड का चुनाव कैसे करें?
₹10,000 की एसआईपी के लिए आप अपने निवेश को अलग-अलग श्रेणियों में बांट सकते हैं। अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क ले सकते हैं, तो 'स्मॉल कैप' या 'मिड कैप' फंड्स चुन सकते हैं जिनमें रिटर्न की संभावना अधिक होती है। लेकिन अगर आप सुरक्षा चाहते हैं, तो 'लार्ज कैप' या 'इंडेक्स फंड' बेहतर विकल्प हैं। एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाने के लिए आप अपने 10,000 रुपये को दो या तीन अलग-अलग फंड्स (जैसे ₹5000 लार्ज कैप और ₹5000 फ्लेक्सी कैप) में भी विभाजित कर सकते हैं। इससे आपका जोखिम कम हो जाएगा और रिटर्न स्थिर रहेगा।
