स्मॉल सेविंग स्कीम्स में निवेश करने वालों के लिए साल के आखिर में बड़ा अपडेट आने वाला है। वित्त मंत्रालय 31 दिसंबर, 2025 को पोस्ट ऑफिस की सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करने वाला है। इस समीक्षा के बाद जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए नई ब्याज दरें घोषित की जाएंगी, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। हर तीन महीने में होने वाली यह समीक्षा इस बार इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि पिछले सात तिमाहियों से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
कौन लेता है फैसला?
वित्त मंत्रालय PPF, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) जैसी योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला करता है। सितंबर 2025 में हुई पिछली समीक्षा में सरकार ने दरों को जस का तस रखा था, लेकिन अब बाजार हालात और बॉन्ड यील्ड को देखते हुए बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF की ब्याज दर को लेकर हो रही है। फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। संकेत मिल रहे हैं कि इसमें कटौती की जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह पिछले करीब 50 साल में PPF की सबसे निचली ब्याज दर होगी। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन निवेशक काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
पिछले सात तिमाहियों से स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अप्रैल-जून 2024 में जो दरें तय हुई थीं, वही अब तक लागू हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में सरकार इस लंबे ठहराव को तोड़ेगी या एक बार फिर निवेशकों को निराशा हाथ लगेगी।
SSY का ब्याज
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की बात करें तो इसमें फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। यह योजना खास तौर पर बेटियों की शिक्षा और शादी के खर्च को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें निवेश पर मिलने वाला ब्याज सालाना कंपाउंड होता है, जिससे लंबे समय में अच्छी रकम तैयार हो सकती है। अगर ब्याज दरों में कटौती होती है, तो इसका सीधा असर बेटियों के भविष्य की योजना बना रहे माता-पिता पर पड़ेगा।
SCSS का ब्याज
सीनियर सिटिजन्स सेविंग स्कीम (SCSS) भी रिटायर लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें भी फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इसकी खास बात यह है कि ब्याज की रकम हर तीन महीने में सीधे खाते में आती है, जिससे बुजुर्गों को नियमित आय मिलती रहती है। अगर इस स्कीम की दरों में बदलाव होता है, तो करोड़ों पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों की मासिक योजना प्रभावित हो सकती है।
POMIS पर ब्याज
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) उन लोगों के लिए बेहतर मानी जाती है, जिन्हें हर महीने तय इनकम चाहिए। इस स्कीम में फिलहाल 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो हर महीने खाते में ट्रांसफर हो जाता है। मध्यम वर्ग और रिटायर लोग इस स्कीम को काफी पसंद करते हैं।
NSC पर कितना है ब्याज?
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पर इस समय 7.7% ब्याज मिल रहा है, जबकि PPF पर मिलने वाला 7.1% ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। यही वजह है कि ये दोनों योजनाएं लंबे समय के सुरक्षित निवेश के लिए सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं। अगर इनमें ब्याज दर घटती है, तो निवेशकों को वैकल्पिक निवेश विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
अब सवाल यह है कि पोस्ट ऑफिस की इन योजनाओं की ब्याज दरें तय कैसे होती हैं। सरकार हर तिमाही श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों के आधार पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है। समिति के मुताबिक, स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरें संबंधित अवधि के सरकारी बॉन्ड की यील्ड से 25 से 100 बेसिस पॉइंट ज्यादा होनी चाहिए। हालांकि सरकार इन सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य नहीं होती और कई बार आम जनता के हित को देखते हुए अलग फैसला लेती है।
अब 31 दिसंबर, 2025 को होने वाली बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर ब्याज दरों में कटौती होती है, तो निवेशकों को झटका लग सकता है, वहीं अगर दरें बढ़ती हैं या स्थिर रहती हैं, तो यह राहत की खबर होगी। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे घबराहट में कोई फैसला न लें और आधिकारिक ऐलान का इंतजार करें।
