Small Savings Schemes Interest Rates: केंद्र सरकार ने हाल ही में 1 अप्रैल 2024 से शुरू होकर 30 जून 2024 को समाप्त तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर की घोषणा की। सरकार ने कहा कि पिछली दरों को लागू रखने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया था कि तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग बचत स्कीम्स पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। ज्ञापन में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें 1 अप्रैल 2024 से शुरू होकर 30 जून 2024 तक ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। यानी वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही (1 जनवरी 2024 से 31 मार्च, 2024) में जो ब्याज दरें मिल रही थीं वही मिलेंगी।
- अप्रैल-जून 2024 तिमाही के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (
PPF ) पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रखी गई हैं। - बचत जमा पर ब्याज दर 4 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई हैं।
- सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 प्रतिशत ब्याज दर लगेगी।
- तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर दर 7.1 प्रतिशत पर ही रहेगी।
- किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत रहेगी और निवेश 115 महीनों में मैच्योर होगा।
- राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज दर अप्रैल-जून 2024 तिमाही के लिए 7.7 प्रतिशत रहेगी।
- चालू तिमाही के लिए मासिक आय योजना पर ब्याज दर 7.4 प्रतिशत मिलेगी।
सरकार हर तिमाही में मुख्य रूप से डाकघरों द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अधिसूचित करती है। मई 2022 से भारतीय रिजर्व बैंक ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट 2.5 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दी थी, जिसने बैंकों को जमा पर ब्याज दरें भी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि केंद्रीय बैंक ने इस साल फरवरी से लगातार पिछली पांच मौद्रिक नीति कमिटी की बैठकों में पॉलिसी रेट पर यथास्थिति बरकरार रखी।
दिसंबर 2023 को समाप्त अंतिम तिमाही में छोटी बचत की ब्याज दरें
31 दिसंबर 2023 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुछ छोटी बचत स्कीम्स या डाकघर योजनाओं की ब्याज दरों में वृद्धि की गई थी। रेकरिंग डिपॉजिट रेट की अपेक्षा सभी योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा गया। सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखी गई।
