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कर्मचारी और एम्प्लॉयर का PF में कितना होता है योगदान? जानिए अपनी इन-हैंड सैलरी का हिसाब

प्रोविडेंट फंड (PF) रिटायरमेंट के लिए बचत करने की एक स्कीम है, जिसमें रिटायरमेंट के समय के लिए फंड बनाने के लिए हर महीने आपकी सैलरी का एक हिस्सा जमा किया जाता है।

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PF योगदान

नौकरीपेशा लोगों की नजर महीने की अंत में आने वाली सैलरी पर होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी कंपनी आपके खाते में जितना पैसा भेजती है, वह आपकी पूरी सैलरी नहीं होती। आपकी सैलरी का एक हिस्सा PF अकाउंट में जाता है। पीएफ योगदान में कंपनी के साथ कर्मचारी का भी योगदान होता है। यही वजह है कि आपकी CTC, Gross Salary और इन-हैंड सैलरी में अंतर होता है।

बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि के नियम के अनुसार, PF में योगदान की गणना आमतौर पर कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर की जाती है। अगर आपको पता है कि हर महीने आपकी सैलरी से कितना पैसा कटता है, तो आप अपने फाइनेंस की बेहतर प्लानिंग कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि PF में योगदान की गणना कैसे की जाती है और असल में पीएफ अकाउंट में कितना पैसा जमा किया जाता है।

कर्मचारी को कितना योगदान देना होता है?

कर्मचारी PF में अपनी बेसिक सैलरी और DA का 12% योगदान देता है। यह रकम हर महीने की सैलरी से काट ली जाती है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹20,000 होते हैं, तो कर्मचारी का मासिक PF योगदान होगा:

₹20,000 का 12% = ₹2400

इसलिए, कर्मचारी की सैलरी से उनके योगदान के तौर पर ₹2400 काटे जाएंगे।

कंपनी कितना योगदान देती है?

कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA का 12% योगदान देता है। हालांकि, एम्प्लॉयर का योगदान EPF और एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) के बीच बांटा जाता है।

₹20,000 की सैलरी के लिए:

3.67% यानी ₹734 कर्मचारी के EPF खाते में जाते हैं। 8.33% यानी ₹1,666 एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) में जाते हैं।

इसका मतलब है कि कंपनी का कुल योगदान ₹2400 है। लेकिन पूरी रकम सीधे EPF खाते में नहीं जाती है।

EPF अकाउंट में कितना पैसा जमा होता है?

इस उदाहरण में, कर्मचारी ₹2400 का योगदान करता है और नियोक्ता (employer) EPF अकाउंट में ₹734 जमा करता है। इसलिए, EPF में जमा होने वाली कुल राशि ₹3,134 प्रति माह है।

नियोक्ता के योगदान में से बची हुई ₹1,666 की राशि EPS में जाती है।

ब्याज कैसे जोड़ा जाता है?

EPF बैलेंस पर ब्याज की गणना हर महीने की जाती है, लेकिन ब्याज की राशि वित्तीय वर्ष के अंत में अकाउंट में जमा की जाती है।

PF आपकी कटौती नहीं, बचत भी

कर्मचारी की नजर में PF अक्सर सैलरी कटौती लगता है, लेकिन वास्तव में यह लंबे समय की रिटायरमेंट सेविंग है। कर्मचारी के योगदान के साथ कंपनी का कंट्रीब्यूशन भी जुड़ता है और EPF पर सरकार द्वारा घोषित ब्याज मिलता है। यानी आज आपकी इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम जरूर होती है, लेकिन PF के जरिए आपके रिटायरमेंट के लिए नियमित बचत होती रहती है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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