Mehul Choksi : मेहुल चोकसी ऐसा नाम है, जो एक समय भारत के सबसे बड़े ज्वेलरी कारोबारियों में गिने जाते थे, आज एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को करीब 14,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया। यह भारतीय बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है। इस कहानी में सत्ता, भ्रष्टाचार और सिस्टम की कमजोरियों की झलक नजर आती है।
कैसे हुई घोटाले की शुरुआत?
मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड और नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड को अक्सर विदेश से कच्चे हीरे मंगवाने और निर्यात करने के लिए विदेशी मुद्रा की जरुरत होती थी। इसके लिए बैंक से लोन या लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) लिए जाते हैं, जो एक तरह की गारंटी होती है कि भारतीय बैंक विदेशी बैंक को पैसा चुका देगा।
PNB की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रांच के कुछ करप्ट बैंक अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर, बिना किसी उचित दस्तावेज के, मेहुल चोकसी और नीरव मोदी की कंपनियों को बार-बार LoUs जारी किए। ये LoUs स्विफ्ट नेटवर्क के जरिये विदेशी बैंकों को भेजे गए, लेकिन उन्हें PNB के कोर बैंकिंग सिस्टम में कभी दर्ज नहीं किया गया, जिससे किसी को भनक नहीं लगी।
कैसे बढ़ती गई घोटाले की राशि?
चूंकि LoUs हर बार चुकाए नहीं जा रहे थे, नए LoUs पुराने लोन चुकाने के लिए जारी किए जा रहे थे। एक तरह की पोंजी स्कीम की तरह। यह प्रक्रिया कई सालों तक चलती रही और धीरे-धीरे रकम करीब ₹14,000 करोड़ तक पहुंच गई। यह सब तब सामने आया जब 2018 में एक नए बैंक अधिकारी ने LoU जारी करने से मना कर दिया और मामले की जांच शुरू हुई।
फरारी और नागरिकता बदलना
घोटाले का खुलासा होने से पहले ही मेहुल चोकसी भारत से भाग निकला और एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली। नीरव मोदी ने भी लंदन में शरण ली। भारत सरकार ने दोनों के खिलाफ CBI और ED के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों में जांच शुरू की। चौकसी की संपत्तियों को जब्त किया गया और उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया।
गिरफ्तारी और कानूनी लड़ाई
2021 में मेहुल चोकसी डोमिनिका में पकड़ा गया जब वह कथित रूप से क्यूबा भागने की कोशिश कर रहा था। उसने दावा किया कि उसे अपहरण कर जबरन डोमिनिका लाया गया। इस पर एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद खड़ा हो गया। भारत सरकार आज भी उसके प्रत्यर्पण के लिए प्रयास कर रही है। अब मेहुल चोकसी को भारतीय जांच एजेंसियों के प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद बेल्जियम में हिरासत में लिया गया।
