बिजनेस

Google फ्री में सर्विस देकर अरबों डॉलर की कमाई कैसे करता है?

Google की ज्यादातर सर्विस फ्री में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हैं। लेकिन इसके बाद भी गूगल अरबों की कमाई करता है, कैसे? आपके मन में ये सवाल कभी न कभी तो जरूर आया होगा तो आइए जानते हैं इसका जवाब।

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Google Earning

हम सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक गूगल (Google) की न जाने कितनी ही सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं। कुछ खोजना हो तो गूगल सर्च, रास्ता देखना हो तो गूगल मैप्स, वीडियो देखनी हो तो यूट्यूब और ईमेल्स के लिए जीमेल ये सब हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। सबसे मजेदार बात यह है कि इन सभी बेहतरीन और जरूरी सेवाओं के लिए गूगल हमसे एक भी रुपया नहीं लेता। ऐसे में कभी न कभी आपके मन में भी यह सवाल जरूर आया होगा कि जब गूगल की लगभग सभी मुख्य सर्विसेज बिल्कुल फ्री हैं, तो फिर यह कंपनी हर साल अरबों-खरबों डॉलर की कमाई कैसे कर लेती है? असल में, गूगल का बिजनेस मॉडल दुनिया के सबसे स्मार्ट और बड़े रेवेन्यू मॉडल्स में से एक है, जहां ग्राहक खुद पैसे नहीं देता, लेकिन फिर भी वह गूगल की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन जाता है।

गूगल कैसे करता है कमाई?

गूगल की छप्परफाड़ कमाई का सबसे मुख्य और असली इंजन है विज्ञापन यानी 'एडवर्टाइजमेंट' (Advertising)। गूगल की कुल कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा (करीब 70 से 80 फीसदी) सिर्फ विज्ञापनों से आता है। इसके लिए कंपनी दो बड़े टूल्स का इस्तेमाल करती है: 'गूगल एड्स' (Google Ads) और 'गूगल एडसेंस' (Google AdSense)। जब भी कोई कंपनी या ब्रांड अपने प्रोडक्ट का प्रचार करना चाहता है, तो वह गूगल को पैसे देता है। इसके बाद गूगल उन विज्ञापनों को अपने सर्च इंजन पर, यूट्यूब वीडियो के बीच में, या फिर दुनिया भर की लाखों वेबसाइट्स और ऐप्स पर दिखाता है। जब भी कोई यूजर इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है, तो गूगल की झोली में मोटी रकम आ जाती है।

कैसे विज्ञापन से होती है कमाई?

इस विज्ञापन के खेल को कामयाब बनाने के लिए गूगल जिस सबसे कीमती चीज का इस्तेमाल करता है, वह है 'यूजर डेटा' (User Data)। जब आप गूगल पर कुछ सर्च करते हैं, यूट्यूब पर वीडियो देखते हैं या मैप्स पर कोई लोकेशन ढूंढते हैं, तो गूगल को आपकी पसंद, नापसंद, उम्र और जरूरतों का पता चल जाता है। इस डेटा की मदद से गूगल विज्ञापनदाताओं (Advertisers) को 'टारगेटेड ऑडियंस' की सुविधा देता है।

उदाहरण के लिए, अगर आप गूगल पर नए जूतों के बारे में सर्च कर रहे हैं, तो गूगल आपको हर जगह जूतों के ही विज्ञापन दिखाना शुरू कर देगा। कंपनियों के लिए यह बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि उनके विज्ञापन सिर्फ उन्हीं लोगों को दिखते हैं जो वाकई उस प्रोडक्ट को खरीदने में रुचि रखते हैं, और इसी सटीक टिकटिंग के लिए कंपनियां गूगल पर पानी की तरह पैसा बहाती हैं।

इन चीजों से भी होती है कमाई

विज्ञापनों के अलावा, गूगल के पास कमाई के कई और रास्ते भी हैं। इनमें से एक है 'गूगल प्ले स्टोर' (Google Play Store)। जब भी आप अपने एंड्रॉयड फोन में प्ले स्टोर से कोई पेड ऐप, गेम, या किसी ऐप के अंदर कोई सब्सक्रिप्शन (In-App Purchase) खरीदते हैं, तो गूगल उस कमाई में से 15 से 30 फीसदी तक का कमीशन अपने पास रखता है। इसके साथ ही, गूगल अब अपनी 'क्लाउड स्टोरेज' और प्रीमियम सर्विसेज के जरिए भी मोटी कमाई कर रहा है। जैसे जीमेल और गूगल ड्राइव पर 15 जीबी से ज्यादा डेटा स्टोर करने के लिए ग्राहकों को 'गूगल वन' (Google One) का पेड प्लान लेना पड़ता है।

साथ ही यूट्यूब पर बिना विज्ञापन के वीडियो देखने के लिए लोग 'यूट्यूब प्रीमियम' का सब्सक्रिप्शन लेते हैं। संक्षेप में कहें तो, गूगल अपनी फ्री सर्विसेज के जरिए पहले दुनिया भर के अरबों लोगों को अपने प्लेटफॉर्म पर लाता है, और फिर उसी विशाल ट्रैफिक और डेटा का इस्तेमाल करके विज्ञापनों और सब्सक्रिप्शन के जरिए दुनिया की सबसे अमीर कंपनियों में राज करता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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