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HDFC बैंक ने रिवाइज किया MCLR, होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन की EMI पर कितना पड़ेगा असर

HDFC Home Loan Interest Rate: एचडीएफसी बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को रिवाइज किया है। इसका असर लोन के ईएमआई पर पड़ता है। जानिए कितना बढ़ा है और आपकी ईएमआई पर कितना असर पड़ेगा।

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एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर में किया बदलाव

Photo : BCCL

HDFC Home Loan Interest Rate: एचडीएफसी बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को रिवाइज किया है। जो 8.95% और 9.35% के बीच है। नई दरें लागू हो गई हैं। MCLR के बढ़ने और घटने का असर होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन समेत सभी तरह के लोन की ब्याज दर पर पड़ता है। MCLR बढ़ने पर लोन ग्राहकों को पहले से अधिक EMI चुकनी होगी। लोन लेने वालों को को महंगा लोन मिलेगा।

HDFC बैंक नई MCLR दरें

  • एचडीएफसी बैंक के ओवरनाइट MCLR 8.95 प्रतिशत है।
  • एक महीने की MCLR को 9 प्रतिशत है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया है।
  • तीन महीने की MCLR को भी पिछले 9.15 प्रतिशत पर रखा गया है।
  • छह महीने की MCLR 9.30 प्रतिशत है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • एक साल से अधिक अवधि के लिए MCLR 9.30 प्रतिशत है। इसमें कोई बदलाव नहीं है।
  • 2 साल से अधिक अवधि के लिए MCLR 9.35 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • 3 साल से अधिक अवधि के लिए MCLR 9.35 प्रतिशत है। इसमें भी बदलाव नहीं किया गया है।

HDFC बैंक की अन्य लोन दरें

एचडीएफसी बैंक की बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग दर 11 मार्च 2024 से 17.95% प्रति वर्ष है। संशोधित बेस रेट 9.45% होगी, जो 11 मार्च 2024 से प्रभावी होगी।

क्या होता है MCLR

फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट या MCLR की मार्जिनल कॉस्ट वह न्यूनतम ब्याज दर है जिसे एक वित्तीय संस्थान को एक विशिष्ट लोन के लिए चार्ज करने की जरुरत होती है। यह लोन के लिए ब्याज दर की निचली सीमा निर्धारित करता है। यह रेट लिमिट उधारकर्ताओं के लिए निश्चित है जब तक कि भारतीय रिजर्व बैंक इसमें बदलाव नहीं करता है।

HDFC होम लोन की ब्याज दरें

हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (HDFC) लिमिटेड और HDFC बैंक 1 जुलाई 2023 को विलय कर दिया गया। जारी किए गए एफएक्यू के मुताबिक होम लोन ब्याज दरों के संबंध में विलय के बाद पेश की जाने वाली होम लोन ब्याज दरें होंगी। विलय के बाद पेश किए गए एफएक्यू में कहा गया है कि आपके अकाउंट पर लागू ब्याज दर अब रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट (RPLR) के बजाय ईबीएलआर (एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट) से जुड़ी होगी। यह फ्लोटिंग ब्याज दर पर नियामक दिशानिर्देशों के अनुपालन में है।भविष्य में कोई भी बदलाव EBLR पर आधारित होगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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