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Gold Loan: गोल्ड लोन लिया है या लेने जा रहे हैं? कहीं आपकी भी कंपनी तो नहीं कर रही हेराफेरी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 19, 2024, 01:41 PM IST

Gold Loan: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में IIFL फाइनेंस लिमिटेड को गोल्ड लोन को स्वीकृत या वितरित करने पर रोक लगा दिया क्योंकि आरबीआई ने जांच में कुछ गड़बड़ियां पाईं। इसलिए गोल्ड लोन लेने से पहले नियम को पूरी तरह से जान लें।

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गोल्ड लोन लेने से पहले नियम जरूर जानें

Photo : BCCL

Gold Loan: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में IIFL फाइनेंस लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह तत्काल प्रभाव से अपने किसी भी गोल्ड लोन को स्वीकृत या वितरित करना या उसके किसी भी गोल्ड लोन को असाइन या सिक्योरिटाइज करना या बेचना बंद कर दे। RBI ने एक बयान में कहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध IIFL फाइनेंस को नए गोल्ड लोन को तुरंत मंजूरी देने और वितरित करने से बैन कर दिया है।

फाइनेंस कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च तक IIFL फाइनेंस के मैनेजमेट के तहत कुल संपत्ति में गोल्ड लोन का हिस्सा 32% या 20,733 करोड़ रुपए है। आरबीआई ने जांच में पाया कि IIFL फाइनेंस के गोल्ड लोन के 67 प्रतिशत अकाउंट में लोन टू वैल्यू रेश्यो यानी LTV में गड़बड़ी है। लोन देते समय गोल्ड के दाम तय करने में गड़बड़ी की गई। एजुकेशन लोन या पर्सनल लोन की तरह गोल्ड लोन को ज्यादा कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती है। गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां घर जाकर लोन देती हैं। भारत में गोल्ड लोन का मार्केट 6 लाख करोड़ रुपए का है।

आरबीआई ने जांच में पाईं ये गड़बड़ियां

आरबीआई ने कहा कि कंपनी के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में कुछ गलतियां देखी है। जिनमें गंभीर डेविएशन भी शामिल हैं। गोल्ड लोन की मंजूरी के समय और डिफॉल्ट पर नीलामी के समय सोने की शुद्धता और शुद्ध वजन की जांच करना और प्रमाणित करना; लोन टू वैल्यू रेश्यो में उल्लंघन, वैधानिक सीमा से कहीं अधिक कैश में लोन राशि का महत्वपूर्ण वितरण और कलेक्शन, मानक नीलामी प्रक्रिया का पालन न करना और ग्राहक खातों पर लगाए जाने वाले चार्ज में पारदर्शिता की कमी है।

गोल्ड लोन लेने से पहले ये काम जरूर करें

आरबीआई की जांच में पाया कि सोने की कीमत कम आंकी जा रही थी ताकि ग्राहक लोन न चुका पाए तो उस लोन की नीलामी कर फायदा उठाया जा सके। इसलिए गोल्ड लोन लेने से पहले किसी दूसरी कंपनी में भी सोने की कीमत का वैल्यूएशन जरूर जांच कराएं। किसी बैंक या एनबीएफसी से गोल्ड लोन लेने जाते हैं तो सबसे पहले वह उसकी कीमय निर्धारित करेगा। नियमों के अनुसार तहत सोने की 75 प्रतिशत कीमत तक ही गोल्ड लोन मिल सकता है। कई ज्वेलर्स फ्री में वैल्यूएशन की सुविधा में देते हैं। अगर कोई कंपनी या बैंक कम कीमत आंक रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं। ब्याज और चार्ज को लेकर हेरफेर कर सकता है।

गोल्ड लोन पर ब्याज और फीस की पूरी जानकारी प्राप्त करें

स्टेट बैंक और केनरा बैंक गोल्ड लोन पर 0.5% या अधिक से अधिक 5000 रुपए तक की प्रोसेसिंग फीस चार्ज कर रहे हैं। वहीं एनबीएफसी 1% प्रतिशत से भी ज्यादा तक की प्रोसेसिंग फीस ले रही हैं। सरकार बैंक 11 प्रतिशत तक ब्याज पर लोन दे रहे हैं। प्राइवेट बैंक 17 प्रतिशत तक ब्याज ले रहे हैं। एनबीएफसी 36 प्रतिशत तक ब्याज रही हैं। इसलिए गोल्ड लोन लेते समय प्रोसेसिंग फीस और ब्याज के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें।

समय पर ब्याज चुकाते रहें

गोल्ड लोन अक्सर तीन साल के लिए मिलता है। लोन चुकान के लिए कई तरह के विकल्प होते हैं। ब्याज और मूलधन को जोड़कर ईएमआई बनाई जाती है। इसलिए मंथली ब्याज देकर आखिर में मूलधन चुका सकते है। कई गोल्ड लोन में बुलेट भुगतान की फैसिलिटी भी मिलती है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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