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रूस से तेल खरीद पर अडिग भारत, अमेरिकी रुख बदलने से नहीं पड़ेगा असर, जारी रहेगी खरीद

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत की नीति पहले जैसी ही है। उन्होंने कहा, रूस पर अमेरिकी छूट के संबंध में मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं। छूट से पहले भी,छूट के दौरान भी और अब भी खरीदते रहेंगे।

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पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने दी अहम जानकारी। PTI

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भारत ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों या वॉशिंगटन की किसी भी नीति बदलाव से इतर रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, इसलिए तेल आयात का फैसला पूरी तरह व्यावसायिक जरूरतों और उपलब्ध सप्लाई पर आधारित रहेगा।

अमेरिका ने खत्म की छूट की अवधि

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रशासन द्वारा रूस के समुद्री तेल निर्यात से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रतिबंध-छूट (waiver) को समाप्त होने दिया गया है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आशंकाएं बढ़ गई थीं कि भारत समेत कई देशों की रूसी तेल खरीद प्रभावित हो सकती है।

नहीं बदलेगी भारत की नीति

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत की नीति पहले जैसी ही है। उन्होंने कहा, रूस पर अमेरिकी छूट के संबंध में मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं। छूट से पहले भी,छूट के दौरान भी और अब भी खरीदते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत के कच्चे तेल खरीदने के फैसले मुख्य रूप से व्यावसायिक दृष्टिकोण और पर्याप्त आपूर्ति उपलब्धता पर आधारित होते हैं। हमारे लिए खरीदारी का आधार मूल रूप से व्यावसायिक समझ है। उन्होंने यह भी साफ किया कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और दीर्घकालिक समझौतों के तहत पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

होर्मुज में तनाव के कारण बढ़ गई है तेल की कीमतें

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास संभावित संकट की आशंकाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा।

गौरतलब है कि वर्ष 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों के व्यापक प्रतिबंधों और पारंपरिक निर्यात बाजारों में व्यवधान के कारण रियायती रूसी कच्चा तेल भारत के आयात का प्रमुख हिस्सा बन गया था। पिछले कुछ वर्षों में रूस भारत के लिए कच्चे तेल का बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। इसकी सबसे बड़ी वजह रियायती दरों पर मिलने वाला रूसी तेल रहा है, जिसने भारत के आयात बिल को नियंत्रित रखने में मदद की।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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