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Pulses Rate: दालों के दाम नहीं घटा रहे हैं रिटेल कारोबारी, सरकार ने चेताया, मंडियों में घट गए रेट

Pulses Rate: तीन महीनों के दौरान प्रमुख मंडियों में अरहर और उड़द की कीमतों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी गिरावट नहीं देखी गई है। इसी तररह चने के मामले में पिछले एक महीने में मंडी कीमतों में गिरावट देखी गई है, लेकिन खुदरा कीमतों में वृद्धि जारी है।

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दालों की कीमतें

Pulses Rate:त्योहारों को देखते हुए सरकार ने दालों के खुदरा विक्रेताओं से थोक कीमतों में गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को देने को कहा है। इसके साथ ही सरकार ने चेताया कि यदि वे असामान्य रूप से मुनाफा कमाते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। असल में सरकार को यह चेतावनी इसलिए देनी पड़ी है क्योंकि हाल के महीनों में दालों की थोक कीमतों में गिरावट का रुख रहा है, इसके अलावा इस साल खरीफ दालों की बेहतर उपलब्धता और बुवाई का रकबा भी अधिक है। पिछले तीन महीनों के दौरान प्रमुख मंडियों में अरहर और उड़द की कीमतों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी गिरावट नहीं देखी गई है।

ज्यादा कमाई कर रहे हैं कारोबारी

उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने भारतीय खुदरा विक्रेताओं के संघ (आरएआई) और प्रमुख संगठित खुदरा श्रृंखलाओं के साथ प्रमुख दालों की कीमतों के परिदृश्य और रुझानों पर चर्चा के दौरान कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान प्रमुख मंडियों में अरहर और उड़द की कीमतों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी गिरावट नहीं देखी गई है।उन्होंने कहा कि चने के मामले में पिछले एक महीने में मंडी कीमतों में गिरावट देखी गई है, लेकिन खुदरा कीमतों में वृद्धि जारी है।

उन्होंने कहा कि थोक मंडी कीमतों और खुदरा कीमतों के बीच अलग-अलग रुझान खुदरा विक्रेताओं द्वारा निकाले जा रहे अनुचित मार्जिन का संकेत दे रहे हैं। रुझानों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और अगर अंतर बढ़ता हुआ पाया जाता है तो आवश्यक उपाय शुरू करने होंगे।

बैठक में आरएआई के अधिकारियों और रिलायंस रिटेल लिमिटेड, विशाल मार्ट, डी मार्ट, स्पेंसर और मोर रिटेल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कारोबारी घटाएं दाम

में खरे ने कहा कि खरीफ की उड़द और मूंग की आवक बाजारों में शुरू हो गई है, जबकि पूर्वी अफ्रीकी देशों और म्यांमा से तुअर और उड़द का आयात घरेलू स्टॉक को बढ़ाने के लिए लगातार हो रहा है।रबी की बुवाई की तैयारी में, कृषि विभाग ने दालों का उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से प्रत्येक प्रमुख उत्पादक राज्य को केंद्रित योजनाएं सौंपी हैं।नेफेड और एनसीसीएफ आगामी रबी सत्र में किसानों के पंजीकरण और किसानों के बीच बीज वितरण में शामिल होंगे, जैसा कि इस साल खरीफ बुवाई सत्र में किया गया था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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