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GST: नेचुरल गैस और एटीएफ को GST के दायरे में लाने की तैयारी, सरकार जल्द कर सकती है बड़ा ऐलान

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 15, 2024, 08:32 PM IST

Natural Gas and ATF under GST: मौजूदा समय में नेचुरल गैस और एटीएफ दोनों ही जीएसटी से बाहर हैं और इन पर कई केंद्रीय और राज्य टैक्स लगते हैं। अंतिम प्रस्ताव जीएसटी परिषद की अगली बैठक में उसके समक्ष रखे जाने की संभावना है। वित्त मंत्रालय ने और आंकड़े मांगे हैं।

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Natural Gas and ATF under GST

Natural Gas and ATF under GST: सरकार ने नेचुरल गैस और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के दायरे में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अंतिम प्रस्ताव जीएसटी परिषद की अगली बैठक से पहले रखे जाने की उम्मीद है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बैठक की और अधिक आंकड़े मांगे हैं। केंद्रीय मंत्रालय ने इसके प्रभाव पर वित्त मंत्रालय के समक्ष एक प्रेजेंटेशन भी दिया है।

दो बैठकें हो चुकी हैं

ईटी नाउ के रिपोर्टर प्रकाश प्रियदर्शी ने इस बात की पुष्टि की है। प्रियदर्शी ने कहा कि वित्त मंत्रालय के साथ औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी हितधारकों के साथ सक्रिय विचार-विमर्श चल रहा है। पिछले दो महीनों में ऐसी दो बैठकें हो चुकी हैं और तेल मंत्रालय ने इसके समग्र प्रभाव पर वित्त मंत्रालय के समक्ष एक डिटेल प्रजेंटेशन दिया है। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात समेत प्रमुख राज्य इस प्रस्ताव पर सहमत हैं। इस मुद्दे पर इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इसके साथ ही, अंतिम प्रस्ताव जीएसटी परिषद की अगली बैठक में उसके समक्ष रखे जाने की संभावना है।

फिलहाल जीएसटी से है बाहर

मौजूदा समय में नेचुरल गैस और एटीएफ दोनों ही जीएसटी से बाहर हैं और इन पर कई केंद्रीय और राज्य टैक्स लगते हैं। प्राकृतिक गैस पर वैट 14 से 24 प्रतिशत तक है। जबकि एटीएफ पर वैट 5 से 18 प्रतिशत तक है। एटीएफ पर केंद्र सरकार 11 प्रतिशत मूल उत्पाद शुल्क लगाती है। सरकार इन वस्तुओं पर सेस भी वसूलती है।

जून में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 8 फीसदी बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह मई 2024 में जीएसटी कलेक्शन से अधिक है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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